खरीक : गंगा व कोसी नदी इलाके में निवास करने वाले लोगों का सुरक्षा की दावा करने वाली पुलिस खुद ही असुरक्षित हो गई। नवगछिया नदी थाना की।
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जो नारायणपुर से लेकर रंगरा तक यानी इस पुलिस जिले के गंगा व कोसी तटवर्ती इलाके में रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिस जिले के मध्य बिंदु पर खरीक थाना क्षेत्र के विश्वपुरिया गांव में स्थापित नदी थाने की पुलिस का आवास का चदरा बुधवार की रात तेज आंधी में उड़ गया।

चदरा उजड़ जाने से पुलिस का आशियाना उजड़ गया। आधी से भयभीत पुलिस पदाधिकारी व कर्मियों ने अपना सारा समान छत-विक्षत ही छोड़कर सिर्फ अपना शस्त्र (हथियार) व गोली लेकर थाने के बगल स्थित स्वास्थ उप केंद्र भागकर पहुंचे और रात गुजारी। नदी थाने की स्थापना वर्ष 2017 के फरवरी माह में हुई थी। पर दो वर्ष बाद भी पक्का भवन नहीं बन पाया।
कर्ज लेकर खेती करने वाले किसानों का टूटा सपना
खरीक| बुधवार की देर रात अचानक आई तेज व धूल भरी आंधी से जहां लोगों ने लू बरसती धूप व भीषण गर्मी से राहत की सांस ली। वहीं इलाके में सैकड़ों बीघे में लगे केले की फसल बर्बाद हो गई। इससे किसानों में मायूसी छा गई। कर्ज लेकर खेती करने वाले किसानों का तो सपना टूट गया। । प्रखंड में कई सरकारी बिजली के खंभे व तार टूटकर गिर गए। इससे बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई।तुलसीपुर के प्रमुख सह किसान झारी यादव, पूर्व मुखिया लीडर सनगही, संजय कुमर, तेलघी के अंजनी कुमार सिंह, दीपक सिंह, अठनिया के जीवन राय, मेहता सच्चिदानंद ने कहा कि यह आंधी किसानों के लिए आफत साबित हुई। किसानों को सरकार मुआवजा दे।

