नवगछिया: गंगा और कोसी का कहर जारी है, जिले के 16 में 14 प्रखंड बाढ़ की चपेट आ गए हैं। नवगछिया, नारायणपुर, गाेपालपुर, इस्माइलपुर, में गंगा तो खरीक, बिहपुर और रंगरा में कोसी का तांडव जारी है। इन इलाकों में सहायक नदियां भी ऊफान पर आ गई हैं। इससे इन प्रखंडों में बाढ़ ने भयावह रूप ले लिया है, लेकिन पीड़ित लोगों को अभी तक सरकारी सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। न ही कोई राहत शिविर लगाया है और न ही इनके लिए खाने-पीने के इंतजाम किए गए हैं।
सभी पीड़ित भगवान भरोसे जी रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों को इसकी परवाह नहीं है। नवगछिया में खतरे के निशान से ऊपर गंगा बह रही है। नवगछिया में गंगा अभी 32.65 सेंमी पर बह रही है, जबकि खतरे के निशान 31.60 है। वहीं कहलगांव में गंगा अभी 31.82 पर बह रही है, जबकि खतरे का निशान 31.09 है। बिहपुर के नरकटिया नारायणपुर जमींदारी बांध, गोपालपुर के ब्रह्मोत्तर बांध, इस्माइलपुर बिंद टोली बांधा के स्परों पर भी काफी दबाव बना हुआ है।

रिंग बांध पर कैंप कर रहे हैं अभियंता
विभाग के अभियंता रिंग बांध पर कैंप कर रहे हैं। प्रशासनिक स्तर से जमीदारी बांधों की निगरानी की जा रही है। तेतरी जाह्नवी चौक 14 नंबर सड़क पर पानी का दबाव बना हुआ है, यहां रिसाव जारी है। पथ निर्माण विभाग की टीम बचाव कार्य में जुटी है। इस्माइलपुर-बिंद टोली बांध के बीच स्पर संख्या 6 एन पर स्थित जल संसाधन विभाग के कैंप कार्यालय पर बाढ़ संघर्षात्मक बल के अध्यक्ष ई. उमाशंकर सिंह ने बताया कि गंगा व कोसी नदी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर है।
नवगछिया में बाढ़ व कटाव का कहर जारी, हजारों परिवार बेघर
नवगछिया| अनुमंडल के हजारों परिवार बेघर हो चुके हैं। पीड़ित सड़क और बांधों पर शरण लिए हुए हैं। नवगछिया, नारायणपुर, गाेपालपुर, इस्माइलपुर, में गंगा तो खरीक, बिहपुर और रंगरा में कोसी का तांडव जारी है। अनुमंडल का इस्माइलपुर, गोपालपुर व रंगरा प्रखंडों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बन गई है। सबसे खराब हालत इस्माइलपुर प्रखंड वासियों का है। पिलुवाहा धार के ब्रह्मोत्तर बांध का मरम्मत नहीं किए जाने से बाढ़ का पानी सैदपुर पंचायत के डभरा टोला सहित अन्य क्षेत्रों में तेजी से फैलते हुए प्रखंड मुख्यालय गोपालपुर की तरफ बढ़ रहा है।


