नवगछिया – पुनामा प्रताप वासी कटाव पीड़ित कोसी की कहर 1990 से झेल रहे विस्थापित लोग शुक्रवार को लोक शिकायत निवारण नवगछिया में भूमि अधिग्रहण के मामले की सुनवाई को लेकर कोर्ट परिसर में सैकड़ों की संख्या में सुबह से ही बैठे रहे. परंतु एक बार फिर उन्हें निराशा हाथ लगी. शिकायत निवारण पदाधिकारी द्वारा पहली तारीख 30 अगस्त को, दूसरी तारीख 11 सितंबर को, तीसरी तारीख 20 सितंबर को, चौथी तारीख 18 अक्टूबर को पुनः अंतरिम आदेश 01 नवंबर को लोक शिकायत पदाधिकारी नवगछिया में परिवाद के निपटारे का तारीख देकर पल्ला झाड़ लिया गया.
वर्ष 1990 से ही लगातार इन सबको तारीख पर तारीख मिलती है पर जमीन नहीं दी जाती. राजद के जिला प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी विश्वास झा ने कहा कि नीतीश कुमार बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम का विशेष रूप से डंका बजाती है. सरकार दावा करती है कि यहां पर न्याय चंद दिनों में मिल जाता है लेकिन दामिनी फिल्म के तरह सिर्फ तारीख पर तारीख देकर गरीबों को परेशान करने का यह आयोग माध्यम बन गया है.

प्रशासन किसी भी स्थिति परिस्थिति में नियतमान तारीख तक फैसला सुनाए, अन्यथा कानून व्यवस्था से लोगों का विश्वास उठता चला जाएगा. वहीं दूसरी तरफ परिवार सुनवाई को लेकर समाजसेवी रतन मंडल की अगुवाई में मुन्ना कुमार, कुंदन कुमार, भवेश ठाकुर, मुकेश हरिजन, भिखारी हरिजन सहित सैकड़ों लोग उपस्थित हुए.


