नवगछिया : खरीक बाजार स्थित काली मंदिर परिसर में संचालित दुकान में तालबंदी की घटना के बाद विवाद गहराता जा रहा है। एक दिन पूर्व बिहपुर के भाजपा विधायक तेलघी निवासी ई. कुमार शैलेन्द्र ने अपने ही गांव के हटिया के पट्टेदार पूर्व सरपंच सुमित कुमार सिंह पर राजस्व वसूली के नाम अवैध उगाही और मनमानी करने, गरीब दुकानदारों को बिना वजह तंग तबाह करने का आरोप लगाते हुए भागलपुर डीडीसी को आवेदन दिया था।
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दूसरे दिन पूर्व सरपंच ने विधायक पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री, हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस, बिहार सरकार के गृह विभाग के प्रधान सचिव, भागलपुर आयुक्त, जिलाधिकारी एवं गोपालपुर विधायक को आवेदन दिया है। पदाधिकारियों को दिए आवेदन में पूर्व सरपंच ने एनएसए की सुसंगत धाराओं के तहत बिहपुर विधायक पर कार्रवाई करने की मांग करते हुए उनपर क्षेत्र में धार्मिक और सामाजिक सौहार्द्र बिगाड़ने का काम करते का आरोप लगाया है।
वहीं विधायक ई. शैलेन्द्र ने अपने ऊपर लगे आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पूर्व सरपंच की क्या छवि रही है, यह पूरा इलाका जनता है। मुझे इसपर कुछ नहीं कहना है। हां, अगर अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना और समाज के हित में खड़ा होना गलत है तो मुझे हर सजा स्वीकार है। हटिया के गरीब दुकानदारों के साथ अन्याय हो रहा था जिसके खिलाफ मैंने आवाज उठायी है।

