प्रदेश में चल रहे बाढ़ निरोधात्मक कार्य को हर हाल में 15 जून तक पूरा करना होगा। सूबे में जहां भी बाढ़ निरोधात्मक कार्य हो रहे हैं। वहां के अभियंता 10 जून को इसे पूरा करा लें। समय पर कार्य पूरा नहीं करने वाली कंपनी (ठेकेदार) की पूरी टीम पर एफआईआर दर्ज करायी जाएगी। यह निर्देश जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने मंगलवार को विभागीय अभियंताओं को दिया।
नवगछिया के इस्माईलपुर-बिंदटोली, गंगा प्रसाद जमींदारी बांध और जाह्नवी तटबंध के निरीक्षण से लौटने के बाद भागलपुर के सर्किट हाउस में विभागीय अभियंताओं के साथ जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने जिले में बहने वाली गंगा और कोसी नदी से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की।
तटबंध प्रहरी की प्रतिनियुक्ति में पंचायत के ही लोग
उन्होंने कहा कि भागलपुर जिले के तीनों तटबंधों पर फिलहाल खतरा नहीं है। लेकिन तटबंध निर्माण कंपनी (संवेदक) धीमी गति से काम कर रहे हैं। उसे नोटिस देकर मुकदमे की प्रक्रिया शुरू करें। इसके लिए अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिया गया कि वे मुस्तैद रहकर समय-सीमा से पहले कार्य पूरा कराएं। मंत्री ने कहा कि तटबंध प्रहरी की प्रतिनियुक्ति की तैयारी पूरी कर लें। इसमें स्थानीय पंचायत के लोगों को ही बहाल किया जाएगा। ताकि वे इलाके की गतिविधि की जानकारी प्रभारी कनीय अभियंता को तुरंत दे सकें।

बाढ़ से वचाव : तटबंधों की 24 घंटे होगी पेट्रोलिंग
जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने कहा, इस बार एक जून से पूरे बिहार में बाढ़ से बचाव की तैयारी हो रही है। पहले 15 जून के बाद होता था। तटबंधों की 24 घंटे पेट्रोलिंग की जाए।
उन्होंने कहा सभी कनीय अभियंता तटबंधों के स्लूइस गेट तक निरीक्षण एक सप्ताह के अंदर कर लें। ताकि उनकी क्रियाशीलता की जानकारी मिल सके। जो गेट नहीं खुल रहा है या उसके चेन में खराबी है। उसे अभी दुरुस्त कर लें। काम करने में परेशानी होने पर यांत्रिक प्रमंडल से संपर्क कर निदान करें।
भागलपुर से बहाव की रफ्तार धीमी होने का मामला भी उठा
समीक्षा के दौरान फरक्का बराज का मामला भी उठा। मंत्री ने कहा कि आखिर क्या वजह है कि भागलपुर से फरक्का में गंगा का बहाव 7 घंटे की बजाय 24 घंटे में हो रहा है। इस पर अभियंताओं ने बताया कि नदी में सिल्ट (गाद) भर गया है। हमारे इंजीनियरों को फरक्का बराज का निरीक्षण करने नहीं दिया जाता है। वहां के लोग मार-पीटकर भगा देते हैं। जिससे वस्तुस्थिति का पता ही नहीं चल पाता है। इस पर मंत्री ने भरोसा दिलाया कि वे केंद्र सरकार से इसकी शिकायत करेंगे।
जल परिवहन के लिए एकतरफा ड्रेनेज से कटाव का खतरा
जल परिवहन से एकतरफा गाद भर जाने का मामले पर भी चर्चा हुई। अभियंताओं ने बताया कि साहेबगंज में भारतीय अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) द्वारा हरेक साल स्टीमर चलाने के लिए ड्रेनेज किया जाता है। इससे निकले गाद को एक तरफ रख दिया जाता है। जिससे दूसरे तरफ पानी का कटाव शुरू हो जाता है। एक तरफा हिस्सा से भी कटाव निरोधक कार्य में दिक्कत आ रही है। मंत्री ने आश्वस्त किया कि इस मामले को भी केंद्र सरकार के पास रखा जाएगा। बैठक में डीएम सुब्रत कुमार सेन, एडीएम राजेश झा राजा, जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता समेत कई प्रमंडलों के अधीक्षण अभियंता भी मौजूद रहे।

