नवगछिया : इस्माईलपुर से बिंदटोली तटबंध पर रविवार की देर रात में बुद्धूचक वीर नगर मछली आढ़त के समीप लगभग 100 मीटर कटाव के बाद जल संसाधन विभाग इसे बचाने में जुट गई है। बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। जल संसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख एवं मंत्री ने तटबंध की स्थिति की जानकारी मुख्य अभियंता से ली। तटबंध की मजबूती बनाए रखने के लिए आधे दर्जन से अधिक संवेदक को कार्य पर लगाया गया है। तटबंध की स्थिति भयावह हो गई है, तटबंध जिस तरह से आधा से अधिक कट गया है। इससे स्थिति खतनाक हो गई है। हालांकि गंगा के जलस्तर में कमी होने के स्थिति थोड़ी नियंत्रण में है।
बंबू रोल और एनसी से हो रहा है फ्लड फाइटिंग विभाग के द्वारा बंबू रोल एवं एनसी के माध्यम से फ्लड फाइटिंग कार्य शुरू किया गया है। मुख्य अभियंता ने बताया कि हमलोग यहां पर कैंप कर रहे हैं। सात कनीय अभियंता, तीन सहायक अभियंता को यहां पर अलग-अलग जगह से प्रतिनियुक्त किया गया है। इसके साथ स्थानीय जो भी अभियंता है, उनलोगों को अलग-अलग जगह पर 24 घंटे के लिए काम पर लगाया गया है। तीनों पालियों में काम किया जा रहा है। वहीं लगातार कार्य होने के कारण जो भी नदी में फ्लड फाइटिंग कार्य नीचे बैठते जा रहा हैं उसे उठाने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यपालक अभियंता इंजीनियर गौतम कुमार ने बताया कि गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि होना है लेकिन तीन सेंटीमीटर अभी घटा ही है। जलस्तर 50 से 60 सेंटीमीटर बढ़ने का अनुमान है। कुछ दिन पहले भी इसी जगह तटबंध हुआ था ध्वस्त सैदपुर निवासी शंकर सिंह अशोक ने कहा कि वर्ष 2024 में भी बांध टूटा था। हजारों आबादी प्रभावित हुई थी। कई गांव में बाढ़ का पानी घुस गया था। जल संसाधन विभाग ने करोड़ों रुपये खर्च कर कटाव निरोधी कार्य कराए हैं फिर भी बांध धराशाही हो रहे हैं। कुछ दिनों पहले ही स्पर संख्या आठ और नौ का बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया था। जिसे रि-स्टोर किया गया है।


