नवगछिया| रंगरा के बैसी काली मंदिर में तांत्रिक साधना करते हैं। मान्यता है कि जो भक्ति सच्चे मन से माता से मन्नत करते हैं, उनकी मुरादे मां पूरी करती हैं। यह मंदिर तांत्रिकों के लिए भी खास है। यहां दूर-दूर से तांत्रिक सिद्धि प्राप्त करने के लिए पहुंचते हैं। यह शक्तिस्थल पर्यटन के रूप में भी तेजी से उभर रहा है। शारदीय नवरात्रि में अष्टमी के दिन तंत्र साधना का विशेष महत्व है।
Total Downloads: 166
वहीं नवगछिया के नगरह महामशानी शक्तिपीठ में नवरात्र के अष्टमी की रात को तंत्र पूजा का विशेष आयोजन किया जाता है। यहां भी तांत्रिक जुटते हैं। कहा जाता है कि तांत्रिक यहां आसानी से सिद्धि प्राप्त कर लेते हैं। यहां विभिन्न पूजा का आयोजन स्वामी आगमानंद के सानिध्य में की जाती है। अनुष्ठान शिवशक्ति योग पीठ के अध्यक्ष अनिमेष के संयोजन में होता है।
काली पूजा के अवसर पर पूजा-अर्चना के दौरान हर वर्ष मैया के दरबार में दस हजार से अधिक भक्तों द्वारा खप्पर चढ़ाया जाता है। यहां कटिहार से लेकर बेगूसराय तक के लोग खप्पर चढ़ाने आते हैं। पूजा कमेटी के सदस्य रामचंद्र कुंवर, आयुष कुमार, सुमन बिहारी कुंवर, संजीत कुमार, नीरज कुमार, मंटू कुंवर, धीरज कुंवर, शुभम कुंवर ने बताया कि इस बार 30 अक्टूबर की देर रात वेदी पर मां की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

