नवगछिया । गंगा नदी के जलस्तर में कमी के बाद बाढ़ का पानी भले ही उतर गया है, लेकिन बाढ़ पीडितों की परेशानी अभी भी कम नहीं हुई है। स्पर संख्या आठ और नौ के बीच भारी कटाव होने के कारण बिंद टोली गांव के दर्जनों लोगों के घर नदी में समा गये।
ऐसे बाढ़ पीड़ित परिवार सड़क के किनारे प्लास्टिक शीट के सहारे नारकीय जीवन व्यतीत कर रहे हैं। वर्षा में भींगते हुए रहना इनकी नियति बन गई है। वीरनगर के बाढ़ पीडित परिवार भी भगवान भरोसे तटबंध और सड़क के किनारे प्लास्टिक के सहारे नारकीय जीवन बिताने को मजबूर हैं, क्योंकि अभी भी उनके घरों के आसपास बाढ़ का पानी फंसा हुआ है।
अब जमे पानी से बदबू फैलने लगा है। घर के आसपास गंदगी और कचरा होने के कारण वीरनगर के बाढ़ पीडित परिवार अपने घर नहीं जा पा रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय वीरनगर, मध्य विद्यालय बुद्धचक और प्राथमिक विद्यालय सैदपुर महादलित टोला लगातार बाढ़ के कारण बंद होने के कारण बच्चों की पढ़ाई भी बाधित है। बाढ़ पीड़ित परिवार जीआर राशि के लिये टकटकी लगाये हुए हैं।


