नवगछिया अनुमंडल के रंगरा चौक प्रखंड में आज भी कई गांव मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, जलनिकासी और आवागमन जैसी आवश्यक सुविधाओं की कमी के कारण ग्रामीणों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रखंड के कई गांवों की सड़कें जर्जर हालत में हैं। बारिश के मौसम में सड़कों पर कीचड़ और जलजमाव होने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। इससे स्कूली बच्चों, किसानों और आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। बेहतर इलाज की सुविधा नहीं होने के कारण मरीजों को नवगछिया या भागलपुर जाना पड़ता है। वहीं कई गांवों में शुद्ध पेयजल और जलनिकासी की समस्या भी लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

गंगा और कोसी नदी से जुड़े इलाकों में बाढ़ और कटाव का खतरा लगातार लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। कोसी नदी में बाढ़ और कटाव के कारण सहौड़ा, मदरौनी और जहांगीरपुर बैसी के कई परिवार प्रभावित हुए हैं। वहीं गंगा नदी के ज्ञानीदास टोला और झल्लू दास टोला में कटाव की वजह से बड़ी संख्या में लोग पलायन करने को मजबूर हुए हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं का स्थायी समाधान करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने और गांवों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने की जरूरत है, तभी क्षेत्र का समुचित विकास संभव हो सकेगा।
हालांकि, रेल मंत्रालय की कटरिया-बटेश्वर रेल परियोजना और गाइड बांध निर्माण योजना से सुदूर गंगा दियारा क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।

