नवगछिया – रंगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत मदरौनी रेलवे फाटक के समीप बुधवार की रात्रि डिब्रूगढ़ नई दिल्ली 12423 अप राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आने से कट कर दो लोगों की मौत हो गई. घटना पूर्व मध्य रेल के सोनपुर मंडल अंतर्गत कटरिया और नवगछिया रेलवे स्टेशन के बीच की है. जहां रेल पटरी के दोनों किनारे कटाव पिड़ीत एवं बाढ़ ग्रस्त लोग विस्थापित होकर झोपड़ी बनाकर शरण लिये हुए हैं. इस हृदय विदारक घटना ने आसपास के लोगों का दिल दहला दिया है. मृतक की पहचान कौशिकीपुर सहौरा पंचायत अंतर्गत सहोड़ा निवासी जनार्दन सिंह के 35 वर्षीय पुत्र रमेश सिंह और रमेश सिंह के एक वर्षीय पुत्र दिलखुश कुमार के रूप में की गई है.
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घटना होने के बाद लोगों ने इसकी तत्काल सूचना नवगछिया रेल थाना एवं रंगरा पुलिस को दी. मगर गुरुवार की सुबह 10 बजे तक न ही स्थानीय पुलिस ने, ना ही नवगछिया रेल पुलिस ने घटना का संज्ञान लिया. यही नहीं सूचना के वावजूद स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर झांकने तक नहीं आई. लगभग 12 घंटे बीत जाने के बाद नवगछिया रेल पुलिस के पदाधिकारी घटनास्थल पहुंचे और घटना की जांच कर लाश को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नवगछिया स्थित अनुमंडल अस्पताल भेज दिया.


क्या है घटना का कारण
इस संबंध में मृतक के परिजनों एवं ग्रामीणों ने बताया कि मृतक रमेश सिंह गांव के आसपास ही मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करता था. कई दिनों से मजदूरी नहीं मिलने के कारण पैसे का काफी आभाव चल रहा था. घर में खाने के लिए अनाज नहीं थे, जिसको लेकर पति पत्नी के बीच लगातार आपस में कलह होती रहती थी. यही वजह थी कि रमेश के घर में कई दिनों से चुल्हा नही जला था. बच्चे भूख से बिलबिला रहे थे. पत्नी नीलम देवी ने रमेश से जलावन एवं खाने का सामान लाने के लिए कहा. मगर सामान के लिए रमेश के पास पैसे नहीं थे.

आर्थिक तंगी एवं भूख की वजह से गुस्से में आकर रमेश ने अपने साल भर के दूध मुंहे बच्चे के साथ ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी. एक ओर जहां इस घटना से रमेश सिंह की पत्नी नीलम देवी का रो रो कर बुरा हाल हो गया. आसपास के परिजन उसे संभालने में लगे हुए थे. पूरे गांव का माहौल गमगीण हो गया है. वही घटना स्थल के समीप रह रहे अन्य बाढ़ प्रभावित व विस्थापित परिवारों के बीच भय और दहशत का माहौल बना हुआ है. लोगों के साथ मौत के बीच जीवन जीने की स्थिति बनी हुई है

