नारायणपुर प्रखंड के भवानीपुर थाना क्षेत्र में एक महिला की दर्दभरी कहानी सामने आई है। भ्रमरपुर गांव की निकिता नाम की महिला इन दिनों पड़ोसियों के सहारे अपना जीवन बिता रही हैं।
पति द्वारा दूसरी शादी कर लेने के बाद निकिता को न तो वैवाहिक जीवन का सुख मिला और न ही संतान का। पति के छोड़ने के बाद उनके भाई ने भी साथ छोड़ दिया। अब वह घर-घर भटकने को मजबूर हैं।
एक सप्ताह पहले वह भागलपुर में इलाज करवाने गई थीं। वापस लौटने पर चाचा ने उन्हें मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया। अब वह अपने घर लौटना नहीं चाहतीं। स्थानीय लोगों की मदद से उनका गुजारा हो रहा है।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अनुसार निकिता मानसिक रूप से विक्षिप्त हैं। वह ससुराल छोड़कर मायके में रह रही थीं। उनके पिता, जो कलेक्ट्रेट में बड़े बाबू के पद से सेवानिवृत्त हुए थे, का देहांत हो चुका है। उनका भाई टिस्को में इंजीनियर के पद पर कार्यरत है।
न तो ससुराल पक्ष और न ही मायका पक्ष उनकी देखभाल कर रहा है। महिला की स्थिति इतनी खराब है कि उन्हें उठने की भी हिम्मत नहीं है, लेकिन जीने के लिए पानी पीने और भोजन के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है।

