नवगछिया : सुपौल के रहने वाले एक युवक ने नवगछिया के नारायणपुर में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को साक्षी मानकर अपनी मामी की सगी बहन से शादी कर ली। नवविवाहित दंपत्ति की शादी से पहले उनके बीच चार साल से अफेयर चल रहा था। दोनों ने साथ रहने और शादी का फैसला किया, तो इसकी जानकारी अपने परिजन को दी। जब दोनों के परिजन ने शादी की मंजूरी नहीं दी तो दोनों ने 9 अप्रैल को घर से भागने का फैसला लिया।
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10 अप्रैल को प्रेमी सुपौल से सीधा भागलपुर पहुंचा और मुस्कान को साथ लेकर अपने घर सुपौल आ गया। उधर, लड़की के परिवार वालों ने स्थानीय थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी। परिजन ने अपने स्तर से भी खोजबीन शुरू की, लेकिन सफलता नहीं मिली। आखिरकार सोमवार को उन्हें बेटी की शादी की जानकारी हुई।
लड़के की पहचान सुपौल जिले के देवनारायण कुमार के बेटे सुनील कुमार, जबकि लड़की की पहचान भवानीपुर की मधुरापुर गांव की रहने वाली मुस्कान कुमारी के रूप में हुई है।


शादी के बाद परिजन ने दी रजामंदी
मुस्कान और सुनील की शादी के बाद उनके परिवार वालों ने इसकी मंजूरी दे दी। सोमवार की शाम भवानीपुर मार्केट स्थित मां काली मंदिर में डॉ.भीमराव अंबेडकर की तस्वीर के समक्ष दोनों ने सात फेरे लिए और जीवन भर एक-दूजे का साथ निभाने की कसमें खाईं।
शादी के बाद मुस्कान ने कहा, “मैंने अपनी मर्जी से शादी की है। अब किसी भी हाल में सुनील को कोई परेशानी नहीं होने दूंगी।” वहीं, सुनील ने कहा कि “हम दोनों सच्चे दिल से एक-दूसरे से प्रेम करते हैं। अब हम हमेशा के लिए एक हो गए हैं।”
मामी के घर आया था प्रेमी एक नजर में हुआ था प्यार
सुपौल के रहने वाले प्रेमी अपने मामी के घर नारायणपुर आया था। इसी दौरान मुस्कान से उसकी मुलाकात हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच प्यार गहराता गया और दोनों ने शादी का फैसला कर लिया, लेकिन परिवार वालों की मंजूरी नहीं मिलने के कारण घर से भाग कर शादी का फैसला लिया।
