मुंगेर से पूर्णिया जा रही बस से नवगछिया पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार और गोली के साथ दो अंतरराज्यीय हथियार तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की। एक सप्ताह पहले पुलिस को सूचना मिली थी कि तस्कर बस से हथियार लेकर जाने वाले हैं। इसके बाद सिटी एसपी एसके सरोज के निर्देश पर नवगछिया एसपी स्वप्ना जी मेश्राम ने एसडीपीओ दिलीप कुमार के नेतृत्व में टीम का गठन किया। टीम एनएच-31 पर रविवार रात गोपाल ढाबा के समीप बस को रोककर जब तलाशी ली तो मुंगेर जिले के मुफ्फसिल थाना के सुजावलपुर निवासी मोहम्मद गुलजार के बैग से 5 कट्टा, 10 मैगजीन, 20 गोली, चार मोबाइल और 65 हजार 250 रुपए मिले। इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर पूर्णिया के जलालगढ़ थाना के कोहवरा निवासी मोहम्मद सरवर आलम को वहां की पुलिस के सहयोग से कसबा अस्पताल चौक से गिरफ्तार कर लिया। वहीं मौके से गिरोह का सदस्य मुंगेर के मिर्जापुर बरदह निवासी मोहम्मद सोनू उर्फ हसनैन उर्फ हजले हुसैन फरार हो गया। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
यूपी, झारखंड, बंगाल के अपराधियों को करते थे हथियार की आपूर्ति
एसडीपीओ ने सोमवार को प्रेस वार्ता में बताया कि गिरफ्तार तस्कर पश्चिम बंगाल, झारखंड व यूपी के अपराधियों को हथियारों की आपूर्ति करते थे। मो सरवर आलम पर पूर्णिया के विभिन्न थानों में 6 मामले दर्ज हैं। वहीं फरार मोहम्मद सोनू उर्फ हसनैन उर्फ हजले हुसैन के खिलाफ मुंगेर के मुफ्फसिल थाने में कई मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने जब मोहम्म्द गुलजार से कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि गिरोह का मुख्य सरगना मोहम्मद सोनू है। हथियार व गोली मोहम्मद सरवर को देने जा रहे थे। इसके बाद पुलिस ग्राहक बनकर पूर्णिया के कसबा अस्पताल चौक पर हथियार डिलीवरी के लिए फोन कर उसे बुलाया। सादे लिबास में मौजूद जवानों ने उसे दबोच लिया।

शातिर मो. सरवर कई बार जा चुका है जेल
मोहम्मद गुलजार के निशानदेही पर गिरफ्तार मोहम्मद सरवर का आपराधिक इतिहास रहा है। उसकी पत्नी पूर्व मुखिया रही है। इससे उनका संबंध राजनीतिक रसूखदारों से है। पुलिस उनकी भी कुंडली खंगाल रही है। सरवर विभिन्न मामलों में कई बार जेल भी जा चुका है। एसडीपीओ ने बताया कि पूर्णिया पुलिस भी उसकी तलाश कर रही थी। वहीं फरार मोहम्मद सोनू के खिलाफ मुंगेर में आर्म्स एक्ट के चार मामले दर्ज हैं। छापेमारी टीम में गोपालपुर थानेदार कुणाल चक्रवर्ती, दारोगा महताब खान, बबलू कुमार पंडित, अरविंद कुमार सिंह सहित काफी संख्या में जवान शामिल थे।


