नवगछिया में कोरोना पॉजीटिव मरीज के मिलने के बाद प्रशासन ने पूरे नवगछिया को सील कर दिया है। किसी को भी घर से बाहर निकलने और बाहर आने-जाने की इजाजत नहीं है। समय समय पर एसडीओ मुकेश कुमार, एसडीपीओ प्रवेन्द्र भारती सहित अन्य अधिकारियों ने बाजार सहित पीड़ित के घर के तीन किलोमीटर के दायरे में जायजा ले रहे । कड़ी सुरक्षा को ले बाजार में सुबह से सन्नाटा पसरा रहा। बाजार निकले लोगों को रोककर पूछताछ की गई, ड्यूटी करने जाने की बात कहने पर लौटा दिया गया।
अस्पतालों में ड्यूटी करने जा रही एएनएम को भी रोका गया। इसके बाद वह भी लौट गयी। लोगों ने बताया कि शहर के एक व्यक्ति के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद नवगछिया के लोग दहशत में हैं। जिस तरह पीड़ित व्यक्ति लंदन से आने के बाद होम क्वारंटाइन में नहीं रहकर पूरे बाजार में घूमकर काम कर रहा था। इससे लोग सहमे हुए हैं। खासकर जो लोग उनके करीबी या साथ में रहे उनकी नींद उड़ गयी है। बताया जाता है कि पीड़ित व्यक्ति 28 मार्च को बाजार के एक बैंक में रुपये जमा कराने गया था।


इसकी सूचना मिलने पर पुलिस-प्रशासन ने बैंक के सीसीटीवी कैमरे का फुटेज देखकर बैंक में उस समय रहे ग्राहकों और बैंककर्मियों की भी सूची बनाई है। इसके बाद उसकी जांच करायी जा रही है। पीड़ित व्यक्ति के लंदन से लौटने के बाद बाजार के एक रिश्तेदार के घर परिवार के साथ जाने की चर्चा है। इससे आसपास के लोग डरे-सहमे हैं। बाजार निवासी और अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सत्येन्द्र नारायण चौधरी ने कहा कि पीड़ित मरीज के नवगछिया आने के बाद उसकी हर गतिविधि की पड़ताल कर प्रशासन को उनसभी लोगों की जांच करवानी चाहिए।
दहशत में अनुमंडलीय अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मीपीड़ित व्यक्ति के लंदन से लौटने के बाद जब जांच के लिए वह अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचा तो ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक व स्वस्थकर्मियों ने लापरवाही बरती। कर्मियों ने बुखार और बीपी नापने के दौरान न दस्ताना पहना और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया। डायबिटीज जांच के लिए बिना ग्लब्स पहने खून का सैंपल लिया गया

