नवगछिया अनुमंडल में जीविका के छह समूहों का करीब 19 लाख रुपये फर्जी साइन कर निकाल लेने का मामला सामने आया है। आरोप लेखपाल, उसके पति और एक बैंककर्मी पर लगा है। हालांकि बताया गया कि लेखपाल महिला ने पैसे निकालने की बात एक्सपेट भी की थी, लेकिन पैसे अब तक नहीं लौटाए। एकता जीविका समूह की अध्यक्ष कंचन देवी ने मामले को लेकर नवगछिया थाना में गुरुवार को आवेदन दिया है।
फर्जी साइन से किया पैसे का गबन
बताया गया कि तेतरी गांव में जीविका समूह की अध्यक्ष और एक अन्य सदस्य के फर्जी सिग्नेचर करके पैसे गबन किए गए हैं। 19 लाख रुपए छह जीविका समूह संस्था के थे, जिसे पंजाब नेशनल बैंक तेतरी में जमा कराया गया था।
लेखापाल, उसके पति और कर्मी पर आरोप
उन्होंने लेखापाल पुष्पा कुमारी उसके पति और पंजाब नेशनल बैंक के एक कर्मी पर घोटाले का आरोप लगाया है। कंचन का आरोप है कि उन लोगों ने उसके और समूह की एक अन्य सदस्य का नकली हस्ताक्षर कर बैंक से राशि की निकासी की है। जानकारी मिलने पर सृष्टि समिति कार्यालय तेतरी में छह जीविका समितियों के प्रतिनिधि, सदस्य, परियोजना कर्मी के सामने पुष्पा कुमारी को बुलाया गया। पुष्पा कुमारी ने 11 फरवरी को अपने पति के साथ उपस्थित होकर स्वीकार किया कि वह रकम लौटा देगी।


पंचायत में नहीं पहुंची थी महिला
कई दिन बाद भी पैसे नहीं लौटाए गए। पिछले दिनों गांव में पंचायत बुलाई गई, लेकिन पुष्पा उसमें उपस्थित नहीं हुई। इसके बाद नवगछिया थाना में मामला दर्ज किया गया है। आवेदनकर्ता लेखापाल कंचन देवी ने बताया कि जीविका दीदी का नियम है कि 50 हजार से ज्यादा निकासी नहीं की जा सकती है। अगर हुई तो सभी जीविका दीदी के खाते में इसका भुगतान करना होगा। पूरे मामले पर
नवगछिया एसपी सुशांत सरोज ने कहा कि मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। छह समूह का मामला है। एक समूह द्वारा केस दर्ज किया गया है। बांकी पांच समूहों में दस्तावेज को संलग्न किया जाएगा। मामला अनुसंधान का है। साक्ष्य मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

