नवगछिया : भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून के तत्वाधान में विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर नवगछिया में जलज परियोजना अंतर्गत जलज अमाला के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
जलज परियोजना के सहायक समन्वयक राहुल कुमार राज ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस का मुख्य उद्देश्य है कि हम अपनी जीवनशैली में बदलाव लाएँ। साथ ही पर्यावरण को बचाने के लिए छोटे-छोटे कदम उठाएँ।
राज ने पर्यावरण संरक्षण के लिए कई सुझाव दिए। इनमें अधिक से अधिक पेड़ लगाना, जल और बिजली की बचत करना शामिल है। उन्होंने प्लास्टिक से परहेज करने और पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने पर भी जोर दिया।

कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि धरती को हरा-भरा और स्वच्छ बनाए रखना हम सभी का कर्तव्य है। पर्यावरण की रक्षा सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
जीव-जंतुओं के संरक्षण के महत्व पर भी चर्चा की गई। कई जानवरों से हमें दवाइयाँ, खाद और खेती में मदद मिलती है। केंचुआ मिट्टी को उपजाऊ बनाता है। मधुमक्खियाँ, तितलियाँ और पक्षी फसलों में परागण करते हैं जिससे हमें फल और फूल मिलते हैं।
कार्यक्रम में बताया गया कि हर जीव का अपना एक विशेष कार्य होता है। एक प्रजाति के विलुप्त होने से पूरी पारिस्थितिकी श्रृंखला प्रभावित होती है। विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस हमें सिखाता है कि हम पर्यावरण और जीव-जंतुओं के रक्षक हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने जैव विविधता संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए शपथ ली।

