नवगछिया : पुलिस शहादत दिवस के मौके पर सूबे के डीजीपी केएस द्विवेदी रविवार को सिमरी बख्तियारपुर के सरोजा गांव स्थित शहीद थानाध्यक्ष आशीष कुमार सिंह के पैतृक घर पहुंचे।
उन्होंने शहीद के चित्र पर माल्र्यापण कर उनकी शहादत को नमन किया। वे शहीद की पत्नी सरिता सिंह व परिवारवालों से मिले। डीजीपी ने 50 हजार की पुरस्कार राशि सरिता सिंह को दिया। डीजीपी ने कहा कि आशीष एक बहादुर थानाध्यक्ष था अगर वह चाहता तो पुलिसकर्मी के घायल होने के बाद ऑपरेशन रोककर वापस लौट सकता था। लेकिन उसने ऑपरेशन जारी रखा। दुर्भाग्य था कि गोली उन्हें लग गई और हमने एक बहादुर अधिकारी खो दिया।
उन्होंने सुरक्षा में चूक की बात से इंकार करते हुए कहा कि लड़ाई के मैदान में जो खड़ा होता है उसकी चूक देखने की बात नहीं होती है। वहां सिर्फ वही निर्णय लेता है। डीजीपी ने कहा कि चूक देखने का मतलब बहादुरी में कमी आंकना है।

वीरता पुरस्कार के लिए की जाएगी अनुशंसा
डीजीपी ने कहा कि जिस अपराधी को पकड़ने के लिए आशीष दियारा गया था। उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मुठभेड़ में शामिल अधिकांश अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि आशीष को वीरता पुरस्कार से सम्मानित करने के लिए अनुशंसा की जा रही है।
मौके पर आईजी ऑपरेशन कुंदन कृष्णन, मद्य निषेध आईजी रत्न संजय, आईजी दरभंगा प्रक्षेत्र पंकज दराद, डीआईजी पूर्णिया सह कोसी प्रभारी सौरभ कुमार, सहरसा एसपी राकेश कुमार, एसपी सुपौल मृत्युंजय चौधरी, डीएसपी मुख्यालय गणपति ठाकुर, सिमरी एसडीपीओ मृदुला कुमारी सहित सभी पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे।
रविवार को सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के सरोजा गांव में शहीद के परिजन से मिलते डीजीपी के एस द्विवेदी।


