नवगछिया : नारायणपुर प्रखंड क्षेत्र में करीब 70 लोग डायरिया की चपेट में हैं। नारायणपुर प्रखंड के नगरपारा उत्तर पंचायत के वार्ड संख्या-4 में डायरिया का प्रकोप छाया। बीमार लोगों ने पीएचसी नारंगपुर सहित निजी क्लीनिक में उपचार करवाने के लिए दौड़ लगाई। वहीं, वार्ड संख्या एक में भी कुछ लोग डायरिया की चपेट में हैं। डायरिया पीड़ित छह माह की बच्ची की मौत की खबर भी संज्ञान में आई है।
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दूसरी तरफ शाहपुर में भी दरिया से पांच व्यक्ति पीड़ित हैं, जिनका उपचार पीएचसी नारायणपुर में चल रहा है। कुछ लोगों ने निजी क्लीनिक या निजी डॉक्टर के यहां भी उपचार करवाया है। बुधवार को पीएचसी नारायणपुर में नारायणपुर गांव के उरी रविदास की छह वर्षीय पुत्री नयना कुमारी की पीएचसी नारायणपुर में डायरिया से इलाज के क्रम में मौत हो गई। पीएचसी नारायणपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. बिजयेंद्र कुमार विद्यार्थी ने इसकी पुष्टी की।

सबसे ज्यादा डायरिया के पीड़ित नारायणपुर से मिल रहे हैं। हालांकि, इलाज के बाद ये स्वस्थ भी हो रहे हैं। शाहपुर, चौहद्दी में भी डायरिया का प्रकोप बढ़ रहा है। बुधवार को डायारिया से मौत हुई तो लोगों के बीच हड़कंप मच गया। पीएचसी नारायणपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी विद्यार्थी ने बताया कि आशा कार्यकर्ता के द्वारा पीएचसी नारायणपुर से ओआरएस घोल और पानी को शुद्ध करने वाला टेबलेट दिया जा रहा है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि डायरिया से बचने के लिए घर और बाहर साफ-सफाई रखनी है। खाने, पीने में शुद्धता का ध्यान देना है। शुद्ध पानी पीना है। बाहर का भोजन नहीं खाना है।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि पीएचसी नारायणपुर में चालीस लोगों का इलाज हो चुका है। इसके अलावा कई लोग निजी डॉक्टर से उपचार करवा रहे हैं। डायरिया पीड़ित गांव में मेडिकल टीम भेजी जाएगी। इधर उरी रविदास की मासूम पुत्री की मौत पर उसके परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। समाजसेवी सुमित यादव ने नारायणपुर अंचलाधिकारी अजय सरकार से दूरभाष पर बातचीत करके मृतक के परिजन को मुआवजा देने का मांग की है।

