रंगरा| कोसी नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से रंगरा के 10 पंचायतों में से 5 के लगभग एक दर्जन से भी अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। चारों तरफ हाहाकार की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इन गांवों की लगभग 25 हजार की आबादी प्रभावित हो गई है। मदरौनी स्थित जल संसाधन विभाग के कैम्प कार्यालय के अनुसार यहां कोसी नदी अपने खतरे के निशान 31-48 सेंटीमीटर पार करने के लिए बेताब है। वर्तमान में कोसी का जलस्तर 31-40 दर्ज की गई है।
आशंका है कि अगले 24 घंटे के अंदर अपने खतरे के निशान को पार कर जाएगी। मदरौनी, कौशकीपुर, सहौड़ा, सधुआ, चापर पंचायत की सड़कों पर चार फीट से ऊपर पानी बह रह है। प्रभावित लोग अपना जान जोखिम में डालकर सड़क पार कर रहे हैं। सड़कों पर बह रहे तेज बहाव के कारण खासकर बच्चे व वृद्ध के बहने की आशंका है।


माल-मवेशी व परिवार के साथ एनएच-31 मार्ग व कटिहार-बरौनी रेलखंड के कटरिया व बनीकपुर स्टेशन पर लोग शरण ले रहे हैं। दूसरी तरफ जहांगीरपुर वैसी स्थित 4 किलोमीटर के दायरे में बनी जमींदारी मटराहा बांध पर साधोपुर गांव के समीप बांध के ऊपर से पानी बह रहा है। कब्रगाह के पास बांध में रिसाव शुरू गया है। बलदेव यादव घर के समीप कटाव की स्थिति है।
यह बांध कट जाने पर रंगरा प्रखंड के शेष बचे जहांगीरपुर वैसी, भवानीपुर व मधुसूदनपुर वैसी पंचायत के दर्जनों गांवों में भी बाढ़ का पानी प्रवेश करने की आशंका है। स्थानीय मुखिया पति संजय मंडल ने बताया कि जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को इसकी सूचना दी गई है। बावजूद ठोस इंतजाम नहीं किया जा रहा है। सीओ जितेंद्र कुमार राम ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों का मुआयना किया जा रहा है।

