करीब एक घंटे तक ट्रेक बाधित, एक घंटे तक रसलपुर ढ़ाला और नवगछिया
पश्चिम केबिन के पास खड़ी रही ट्रेन
,, काफी मशक्कत से ट्रेन में फंसे ट्रेक्टर के मलवे को निकाला गया फिर खुल सकी ट्रेन


,, कटिहार से पहुंचा सहायता दल
,, टक्कर के बाद करीब डेढ़ किलोमीटर दूर नवगछिया पश्चिम केबिन के पास रुकी ट्रेन
,, ट्रेक्टर चालक का शव टक्कर के बाद डेढ़ सौ मीटर दूर गिरा
नवगछिया प्रतिनिधि : कटिहार बरौनी रेल खंड के नवगछिया के पास मानव रहित समपार फाटक रसलपुर ढ़ाला के पास दो बज कर 20 मिनट पर अवध असम डाउन ट्रेन से एक ट्रेक्टर के टकरा जाने के बाद ट्रेक्टर के परखच्चे उड़ गये और ट्रेक्टर के चालक की मौत हो गयी. टक्कर इतना जबरदस्त था कि ट्रेक्टर कई टुकड़ों में बंट गया और उसका मलवा ट्रेन के इंजन में जा फंसा. टक्कर के बाद ट्रेन चालक ने रसलपुर ढ़ाला से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर नवगछिया स्टेशन के पश्चिम केबिन के पास ट्रेन को रोकने में सफल हुआ था. हादसे में नवगछिया थाना क्षेत्र के ही उजानी गांव निवासी मो अफरोज उर्फ गूलो 28 की मौत हो गयी है. घटना स्थल से डेढ़ सौ मीटर दूर मो गूलो का शव रेल ट्रेक के नीचे गिरा था. घटना के कारण करीब एक घंटे तक रेल खंड बाधित रहा था. घटना में किसी भी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है. घटना की सूचना मिलते ही रेल अधिकारियों व नवगछिया राजकीय रेल थाना और रेल सुरक्षा बल के कर्मियों व स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद ट्रेन में फंसे ट्रेक्टर के मलवे को निकाला गया. घटना के डेढ़ घंटे बाद ट्रेक पर परिचालन पुर्ववत हो गया था. इधर रसलपुर ढ़ाला के पास प्रत्याक्षदर्शियों नेजानकारी देते हुए कहा कि उजानी निवासी मो गूलो गांव ही ओर से ही ट्रेक्टर के टेलर पर मिट्टी लोड करके एनएच की ओर जा रहा था. मानव रहित रेलवे ढ़ाला के पास पहुंचने पर अप ट्रेक पर पेसेंजर ट्रेन आ रही थी और डाउन ट्रेक पर अवध असम एक्सप्रेस ट्रेन आ रही थी. लेकिन ट्रेक्टर चालक की नजर सिर्फ पेसेंजर ट्रेन पर ही था. पेंसेंजर ट्रेन की रफ्तार कुछ कम थी इसलिए ट्रेक्टर चालक ने सोचा कि वह ट्रेक पार कर जायेगा. लेकिन ट्रेकटर के ट्रेक पर पहुंचते ही ट्रेक्टर ट्रेन के चपेट में आ गया. चालक घसीटते हुए करीब डेढ़ सौ मीटर दूर जा कर गिरा. जबकि ट्रेक्टर का टेलर ढ़ाला के पास ही रह गया और ट्रेक्टर कई ठुकड़ों में बंट कर यत्र तत्र गिर गया. जबकि ट्रक का एक बड़ा भाग अवध असम एक्सप्रेस के इंजन के फंस गया. ट्रेन की रफ्तार इतना तीव्र था कि रसलपुर ढ़ाला से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर जा कर ही रुक पाया.

