नवगछिया । खरीक प्रखंड के नरकटिया गांव में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुक्रवार को समापन हो गया। अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। वहीं अपने प्रवचन में आचार्य मांगन बाबा ने कहा कि दीक्षा गुरु एक ही होता है, लेकिन शिक्षा गुरु अनेक हो सकते हैं।
भगवान दत्तात्रेय ने अपने 24 गुरुओं, जैसे- धरती, वायु, आकाश, जल, अग्नि चंद्रमा, सूर्य, कबूतर, अजगर, समुद्र, पतंगा, भ्रमर, हाथी, मधुमक्खी आदि से भी शिक्षा ली है। उन्होंने सत्संग की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि वृत्रासुर, प्रहलाद, बलि राजा, विभीषण, सुग्रीव,, कुब्जा, ब्रज की गोपियों आदि सत्संग के द्वारा ही भगवान को प्राप्त कर सके।
वे वेदों से भी अज्ञात थे और उन्होंने तप भी नहीं किया था, फिर भी सत्संग प्रेरित भक्ति के कारण वो भगवान के प्रिय पात्र बने। आयोजन में दीपक राय, धीरज कुमार, नीरज कुमार, आयुष राज, बंटी कुमार सराहनीय योगदान रहा।


