नवगछिया : गोपालपुर प्रखंड के सैदपुर स्थित इंस्टस्तरीय हाईस्कूल में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। इस विद्यालय का मुख्य भवन ध्वस्त हो चुका है। नए भवन में महज दो ही कमरे हैं। कमरे के अभाव में विद्यार्थी इस ठंड में मैदान में बैठकर पढ़ाई करने को विवश हैं। इस विद्यालय में 506 विद्यार्थियों का नामांकन है। इनको पढ़ाने के लिए प्रधानाध्यापक सहित कुल 18 शिक्षक भी हैं। लेकिन स्कूल में बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं रहने की वजह से शिक्षक बच्चों को मैदान में पढ़ाते हैं।
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प्रधानाध्यापक गिरीश मंडल ने बताया कि यहां कुल 18 शिक्षक हैं, लेकिन कमरों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। नए भवन के निर्माण के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कई बार आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। दो कमरे में सभी बच्चों को बैठने के लिए जगह मिलना मुश्किल हो जाता है।
कई विद्यार्थी जगह नहीं मिलने के कारण लौट जाते हैं। शिक्षा विभाग के पूर्व एसीएस केके पाठक ने भी इस विद्यालय का निरीक्षण किया था। तब उन्होंने स्कूल के नए भवन के निर्माण कराने के लिए आश्वासन दिया था। लेकिन अब तक इस दिशा में कोई पहल नहीं की गई है। इससे बच्चों के अिभभावकों में भी नाराजकी है। अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय के जर्जर भवन और कमरे के अभाव को देखते हुए शिक्षा विभाग और बिहार सरकार को इस समस्या का समाधान जल्द करना चाहिए, ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके और उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।

1941 में स्कूल की हुई थी स्थापना, खपरैल के भवन में शुरू हुई थी पढ़ाई सैदपुर हाईस्कूल की स्थापना 1941 में की गई थी। उस वक्त खपरैल के भवन में पढ़ाई की शुरुआत की गई थी। लेकिन समय के साथ वह पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। चहारदीवारी नहीं रहने से स्कूल परिसर में जंगली जानवर भी घुसकर इधर-उधर घूमते हैं। मंगलवार को खुले मैदान में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थी रोशन कुमार, सुनील कुमार, मोहन कुमार, वरुण कुमार और राघव कुमार ने बताया कि ठंड में बाहर में बैठकर पढ़ाई करने में परेशानी होती है। लेकिन क्या करें, क्योंकि कमरे नहीं हैं। कई मित्र जो स्कूल आना चाहते हैं, वे इस हालत के कारण नहीं आ पाते। वहीं कुछ बच्चों के अभिभावक उन्हें स्कूल नहीं भेजना चाहते।
