नवगछिया रेलवे स्टेशन के पूर्वी केबिन के पास 49 करोड़ की लागत से बनने वाले फ्लाईओवर का निर्माण छह साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। अब तक सिर्फ चार पाया ही बन पाए हैं। इससे समपार पर रोज भीषण जाम लगता है। ट्रेन आउटर पर काफी देर तक खड़ी रहती हैं।


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49 करोड़ में सात करोड़ का कार्य केंद्र सरकार के द्वारा किया जाना था। केंद्र सरकार ने इसके लिए 2013 में ही सात करोड़ का टेंडर निकला था। जिसके बाद रेलवे की ओर से 2014 में निर्माण कार्य शुरू किया गया। रेलवे प्रशासन की मानें तो वह अपने हिस्से का काम पूरा कर चुका है। बाकी काम बिहार सरकार की ओर से पुल निगम द्वारा 42 करोड़ की लागत से निर्माण होना था। इसको लेकर 2013 डीपीआर भी बनाया गया था लेकिन जिस समय डीपीआर बनाया गया था उस समय रेल खंड का विद्युतीकरण नहीं हुआ था।

विद्युतीकरण होने के बाद पुल निगम द्वारा पुनः इसका दूसरा डीपीआर बनाया जाना था। लेकिन विद्युतीकरण के दो साल बाद भी अब तक डीपीआर तैयार नहीं किया गया है और इस कारण फ्लाईओवर का निर्माण अधूरा है। भाजपा जिलाध्यक्ष बिनोद मंडल, मुकेश राणा आदि का कहना है कि फ्लाईओवर के निर्मण के लिए बिहार सरकार के मंत्री नंदकिशोर यादव से मिलकर पूरी जानकारी दी गई है। मंत्री ने जनवरी में डीपीआर तैयार कर टेंडर की प्रक्रिया के बाद काम शुरू करवाने का आश्वासन दिया है।

अक्सर खुले समपार के बीच से गुजरती है ट्रेन, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

नवगछिया शहर जाने वाली यह मुख्य सड़क है। अनुमंडल अस्पताल, टाउन थाना, स्कूल आदि जाने के लिए यही एक रास्ता है। ट्रेन आने की सूचना के बाद भी कई बार समपार बंद नहीं होता है। इस स्थिति में अफरातफरी मचती है। ट्रेन को आउटर पर रुकना पड़ता है। जाम के कारण कभी-कभी खुले केबिन से ही ट्रेन को गुजरना पड़ता है। ऐसी स्थिति में समपार फाटक पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। समपार पर जाम रहने के कारण एम्बुलेंस, स्कूली वाहन भी फंसते हैं।

By न्यूज़ डेस्क

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