पटना : पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने आम जनता को थोड़ी राहत देते हुए गुरुवार को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 2.50 रुपये प्रति लीटर कटौती की घोषणा की है। केंद्र सरकार की घोषणा के बाद एनडीए शासित अधिकतर राज्यों ने पेट्रोलियम उत्पादों पर राज्य स्तरीय करों में भी कटौती कर दी है और अब इन राज्यों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पांच रुपये प्रति लीटर तक कम हो गई हैं।

बिहार सरकार भी राज्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतें घटाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। वित्त विभाग के सूत्रों ने बताया कि पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले वैट से होने वाली आय और इस पर दी जाने वाली संभावित राहत का आकलन किया जा रहा है। अन्य राज्य सरकारों द्वारा राहत की घोषणा से सरकार दबाव में है। ऐसे में एक दो दिनों में प्रदेश में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत की घोषणा की संभावना है।

पटना में डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने कहा है कि वह अरुण जेटली की चिट्ठी का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर राज्य की स्थिति अलग होती है और इसे देख कर ही कोई फैसला लिया जाएगा।

जीएसटी से उम्मीद के मुताबिक टैक्स कलेक्शन नहीं होने के कारण बिहार की नीतीश सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर मूल्य संवर्धित कर यानी वैट घटाने का फैसला अबतक नहीं किया है। हालांकि केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने राज्य सरकारों से भी वैट में कमी करने का अनुरोध करते हुए इसके लिए चिट्ठी लिखने की बात कही है।

बिहार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती नहीं की है लेकिन बिहार के पड़ोसी राज्यों, उत्तर प्रदेश और झारखंड ने भी 2.50 रुपए की कटौती का एलान कर दिया है और अब वहां भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में पांच रुपये की कमी कर दी गई है। अब बिहार की जनता अपनी राज्य सरकार के एेलान का इंतजार कर रही है।

बता दें कि बिहार में पेट्रोलियम पदार्थों पर 26 फीसदी वैट लगता है। राज्य में अगर वैट में कटौती होती है तो बिहार सरकार का घाटा बढ़ेगा और बाजार से लोन बढ़ाना पड़ेगा। लेकिन वित्तीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम (एफआरबीएम) के तहत इसकी भी एक सीमा है।

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By न्यूज़ डेस्क

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