मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मुजफ्फरपुर दौरे के बाद बिहार के मुख्य सचिव दीपक कुमार ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस किया और सरकार द्वारा लिए जा रहे फैसले की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सीएम ने SKMCH के हर बेड पर जाकर जानकारी ली और स्थिति का जायजा लिया. हालांकि अस्पताल में डॉक्टरों की कमी नहीं है बावजूद इसके पटना के पीएमसीएच और दरभंगा के डीएमसीएच से चिकित्सक भेजे जा रहे हैं.
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आज शाम तक ही आठ और डॉक्टर अस्पताल पहुंच जाएंगे. मुख्य सचिव ने यह भी बताया कि एसकेएमसीएच को 2500 बिस्तरों वाला अस्पताल बनाया जाएगा. इसके तहत 1500 बेड की व्यवस्था अगले वर्ष तक ही कर ली जाएगी. दीपक कुमार ने बताया कि मुजफ्फरपुर में एक धर्मशाला का भी निर्माण करवाया जाएगा ताकि प्रभावित बच्चों के परिजन रुककर इलाज करा सकें.

अस्पताल में उचित इलाज किया जा रहा है और इससे सरकार संतुष्ट है. एहतियातन आशा कार्यकर्ता और एएनएम को प्रभावित इलाकों में बच्चों को ORS घोल पिलाने का आदेश दिया गया है ताकि आगे बच्चे बीमार नहीं पड़े. उन्होंने बताया कि जितने बच्चे प्रभावित हुए हैं बुधवार से उनके घर जाकर परिवार से लेकर हर पहलू की जानकारी ली जाएगी. इसका मकसद बीमारी के पीछे के कारणों को जानने का प्रयास है. दीपक कुमार ने बताया कि अब तक कुल 437 बच्चे एडमिट हुए और 106 बच्चों की मौत हुई है.
मुख्य सचिव ने कहा कि 12 जिलों के 22 प्रखंड संवेदनशील श्रेणी में हैं जिसके लिए 485 डॉक्टर तैनात हैं. कांटी, मीनापुर, बोचहां जैसे इलाकों में इसका प्रकोप ज्यादा है. उन्होंने कहा कि अस्पताल में जितने अभिभावकों से पूछा गया किसी ने भी कोई कमी के बारे में नहीं बताया.

