जिले में स्वास्थ्य विभाग भगवान भरोसे है. स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही और जानकारी के अभाव में यहां एक महिला की मौत हो गई. किसी ने उसे ठीक बताकर अच्छे से इलाज नहीं किया तो किसी डॉक्टर ने उसे जिंदा में ही मृत घोषित कर दिया. इलाज में देरी और इधर-उधर के चक्कर में पीड़िता मौत के मुंह में समा गई.
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दरअसल, खोदावंदपुर थाना क्षेत्र के मेघौल गांव की रहने वाली सविता देवी को सांप ने काट लिया. उसे इलाज के लिए खोदावंदपुर पीएचसी में भर्ती कराया गया. वहां पर सविता को देखने के बाद एक डॉक्टर ने कहा कि ये बिल्कुल ठीक है. जहर नहीं है लेकिन परिजनों ने सविता की बिगड़ती हालत को देखते हुए उसे सदर अस्पताल रेफर करने की मांग की.

डॉक्टरों की लापरवाही
इसके बाद सविता को एम्बुलेंस से सदर अस्पताल लाया गया. यहां भी डॉक्टरों ने लापरवाही दिखाई. सदर अस्पताल के एक डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. परिजन जब उसे ले जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी वह एंबुलेंस में जिंदा हो गई. इसके बाद उसे दोबारा भर्ती कराया गया.

महिला की मौत
दोबारा इलाज तो शुरू हुआ लेकिन महत्वपूर्ण समय हाथ से निकल गया था. इलाज के दौरान ही अस्पताल में ही सविता की मौत हो गई. परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया और सदर अस्पताल में खूब हंगामा किया. उधर महिला की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया.

