बिहार में एक तरफ नदियों के उफान और बाढ़ ने लोगों को परेशान कर रखा है तो दूसरी तरफ बारिश आफत बनी हुई है। अगले 72 घंटे के लिए मौसम विभाग ने बारिश और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों ने विशेष रूप से नेपाल की तराई से सटे क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। अन्य इलाकों में मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। जिन इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, उनमें किशनगंज, अररिया, मधुबनी, सीतामढ़ी, सुपौल के साथ पूर्वी और पश्चिमी चंपारण जिले शामिल हैं। इन जिलों के लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।
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बिहार में मानसून की ट्रफ रेखा अमृतसर, देहरादून, बरेली, गोरखपुर से पटना होते हुए अरुणाचल प्रदेश की तरफ जा रही है। इसके साथ ही एक चक्रवाती परिसंचरण भी बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के आस-पास फैला हुआ है। जिसकी वजह से मौसमी सिस्टम के प्रभाव से अगले 72 घंटे में बिहार के अनेक स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। बिहार में साइक्लोन सर्किल का क्षेत्र बनने के साथ ही नमी भी आ रही है और इस कारण से 15 अगस्त तक बिहार के अधिकतर हिस्से में 7 से 43 एमएम तक बारिश का अनुमान है।


मौसम विभाग ने सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बांका, जमुई सहित 12 जिलों में 45 एमएम तक बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान पटना में भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो बंगाल की खाड़ी से होते हुए हिमालय की तराई स्थित रक्सौल, सीतामढ़ी, सुपौल, मधुबनी, मोतिहारी, रक्सौल, अररिया, किशनगंज तक साइक्लोन सर्किल का क्षेत्र बना हुआ है।
