गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि से भागलपुर जिले में बाढ़ की स्थिति विकराल होते जा रही है। एनएच 80 पर सुल्तानगंज से भागलपुर और भागलपुर के कहलगांव के बीच कई जगहों पर पानी बह रहा है। इसके चलते आवागमन बाधित हो गया है। एनएच 80 में तेजी से कटाव भी हो रहा है।
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ग्रामीण क्षेत्र के अलावा शहर के कई मोहल्लों में बाढ़ का पानी घुस गया है। टीएनबीयू के महिला छात्रावास और इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रावास को खाली करा दिया गया है। टीएमबीयू के प्रतिकुलपति के आवास में बाढ़ का पानी घुस गया है। जिले के 16 में से 14 प्रखंडों के 90 गावों की 70 हजार आबादी बाढ़ से प्रभावित है। 120 स्कूलों में पानी घुस गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में 90 नावों का परिचालन हो रहा है।


एनएच 80 पर सबौर के आगे घोषपुर के पास तीन जगहों पर पानी बह रहा है। इसके अलावा अकबरनगर से भवनाथपुर के बीच तीन-चार जगहों पर एनएच 80 पर पानी बहने लगा है। पानी बढ़ने की यही स्थिति रही तो कभी भी सुल्तानगंज, शाहकुण्ड, कहलगांव, पीरपैंती आदि का जिला मुख्यालय सीधा संपर्क भंग हो सकता है। टीएमबीयू के प्रशासनिक भवन, क्वार्टर और छात्रावास परिसर में पानी प्रवेश कर चुका है। गुरुवार को टीएमबीयू प्रशासनिक भवन में आने वाले अधिकारी, कर्मी और छात्रों को नाव का सहारा लेना पड़ा।
मुख्य गेट पर नाव लेकर ही वे प्रशासनिक भवन तक पहुंचे। गर्ल्स छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को निकालकर दूसरी जगह शिफ्ट कराया गया। इंजीनियरिंग कॉलेज में भी गुरुवार को छात्रावास खाली कराया गया। छात्रों के लिए चल रहे मेस को बंद करा दिया गया है। इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रशासनिक भवन के निचले तल को पूरी तरह से खाली करवा दिया गया है। शहरी क्षेत्र के कई मोहल्लों में बाढ़ का पानी घुस गया है।

चंपानदी घाट पर तेज धार में नाव पलट गयी। लोगों की मदद से उस पर सवार सभी लोगों को सुरक्षित निकाला गया। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, बीते 24 घंटे (बुधवार की शाम चार बजे से लेकर गुरुवार की शाम चार बजे के बीच) में 17 सेमी की वृद्धि हुई। वहीं अगले 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में 15 सेमी और वृद्धि होने का अनुमान है। जिला प्रशासन ने छह जगहों पर राहत शिविर चलाने का दावा किया है।
