शिक्षा विभाग के शराबबंदी से जुड़े आदेश ने सरकार की टेंशन बढ़ा दी है। आदेश को तुगलकी फरमान बताते हुए आक्रोशित शिक्षक अब 6 फरवरी को राज्य के सभी 38 जिलों में CM नीतीश कुमार का पुतला जलाएंगे। इस दौरान शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी का भी पुतला जलाया जाएगा। बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। संघ ने राज्य के सभी जिलों में संगठनों को हर स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने को कहा है। अगर आदेश नहीं वापस लिया जाता है तो स्कूल खुलने के बाद शिक्षकों का आंदोलन और उग्र हो जाएगा।

शिक्षक संगठन ने दी बड़ी चेतावनी

बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू ने कहा कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के पत्रांक 101 दिनांक 28 जनवरी 2022 को पत्र जारी कर शिक्षकों को शराब पीने वालों को चिन्हित कर सूचना देने की दायित्व सौपी गई जो शिक्षा जगत एवं शिक्षकों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसे आदेश से शिक्षा ब्यवस्था चौपट होगी।

शिक्षा के अधिकार अधिनियम का सत्यानाश

बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम माननीय न्यायालय एवं सरकार के मुख्य सचिव ने पत्र जारी कर शिक्षकों से किसी प्रकार की गैर शैक्षणिक कार्य मे नही लगाने का आदेश कर चुके हैं। इसके बाद भी शिक्षा के अधिकार अधिनियम का सत्यानाश करने के लिए तुगलकी फरमान जारी किया जा रहा है। अब बिहार में शिक्षकों को शिक्षण कार्य से अन्य कार्यों में लगाने का खेल चल रहा है।

शिक्षकों से हर कर्म करा रही सरकार

बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षक द्वारा खुले में शौच करने वाले व्यक्तियों की पहरेदारी, चावल का बोरा बेचकर राशि जमा करने का आदेश समेत दर्जनों गैर शैक्षणिक जैसी दायित्व दिया जा चुका है। जिससे स्पष्ट है कि सरकार शिक्षकों को अपमानित कर बच्चों के मौलिक अधिकार शिक्षा को चौपट करना चाहती है। सरकार ऐसा कर शिक्षकों का मान समाज से घटाने में लगी है। अगर शिक्षकों के साथ ऐसा ही किया जाएगा तो आने वाले दिनों में सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर पूरी तरह से गिर जाएगा। इससे सरकार की मंशा पूरी नहीं होगी और बच्चों के शैक्षणिक स्तर भी काफी गिर जाएगा।

आदेश की प्रतियां जलाईं अब जलाएंगे पुतला

बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ ने रविवार को सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और शराबियों को पकड़वाने संबंधित आदेश की प्रतियां जलाई। संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार शराबी को पकड़वाने संबंधित आदेश जारी कर शिक्षको के माथे पर थोपकर स्पष्ट रूप में शिक्षक एवं शिक्षक परिवार के जान को जोखिम में डालना चाहती है। इसके साथ ही शिक्षा के रखवाले व कार्य करने वाले सदाचारी शिक्षकों को शराबियों के चंगुल में फंसा रहे हैं। ऐसे आदेश को संघ कभी नहीं मानेगी। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार के गैर शैक्षणिक कार्यों में शिक्षकों को लगाने एवं शराबी को पकड़ने जैसी आदेश के विरोध में प्रखंड स्तर पर अपर मुख्य सचिव शिक्षा विभाग के पत्र का प्रति जलाकर आंदोलन का शंखनाद किया जा रहा है। ऐसे आदेश वापस नहीं हुआ तो राज्यभर में आंदोलन तीव्र किया जाएगा। इसी क्रम में 6 फरवरी 2022 को सभी जिला मुख्यालय पर मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री का पुतला फूंक कर आंदोलन तेज किया जाएगा। शिक्षा व्यवस्था को बचाने एवं शिक्षकों के सम्मान के लिए संघ हर तरह का आंदोलन करने को बाध्य होगा। क्योंकि सरकार शिक्षा व्यवस्था को चौपट करने पर तुली है। शिक्षको के कार्यों का परिभाषा ही बदली जा रही है। सरकार को बच्चों के भविष्य का चिंता नहीं है। अब शिक्षक संघ शिक्षा एवं शिक्षकों के अस्तित्व के लिए लड़ाई लड़ेगा। शिक्षकों को शराबी पकड़ने की शिक्षा विभाग के आदेश प्रखंड में जलाकर विरोध प्रकट किया जाएगा।

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By न्यूज़ डेस्क

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