जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी 2019 लोकसभा चुनाव में बिहार के बेगूसराय लोकसभा सीट से उतारने का मन बना चुकी है. चुनाव में हाथ आजमाने से पहले 25 अक्टूबर को कन्हैया कुमार पटना के गांधी मैदान में संविधान बचाओ भाजपा भगाओ रैली का आयोजन कर रहे हैं.
जनसंपर्क अभियान की शुरुआत की
25 अक्टूबर को पटना में होने वाली अपनी रैली को सफल बनाने के लिए कन्हैया कुमार ने सोमवार से एक जनसंपर्क अभियान की शुरुआत की. इस जनसंपर्क अभियान की शुरुआत उन्होंने अपने गृह जिले बेगूसराय से की. दिलचस्प बात यह है कि कन्हैया का जनसंपर्क दौरा वैसे तो अपनी रैली में भीड़ जुटाने को लेकर है मगर माना जा रहा है कि इसका असली मकसद लोकसभा चुनाव से पहले बेगूसराय में अपनी जमीन तैयार करना है.

उम्मीदवारी का किया खंडन
हालांकि बेगूसराय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कन्हैया कुमार ने इस बात का खंडन किया कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के टिकट पर उनकी उम्मीदवारी तय हो चुकी है. अपनी उम्मीदवारी को लेकर कन्हैया ने कहा कि अभी तो महागठबंधन के अन्य दलों से सीटों के तालमेल पर बातचीत भी नहीं हुई है.

अपने जनसंपर्क अभियान के दौरान कन्हैया कुमार लोगों से अपने ऊपर लगे देशद्रोह के आरोपों पर सफाई देते हुए नजर आए. कन्हैया ने कहा कि उनके ऊपर जो भी आरोप लगे हैं वह भाजपा और RSS द्वारा उन्हें फंसाने के लिए है. कन्हैया ने कहा कि बेगूसराय की धरती राष्ट्रकवि पैदा करती है देशद्रोही नहीं.
कन्हैया द्वारा बेगूसराय में किए जा रहे जनसंपर्क पर निशाना साधते हुए भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री रजनीश कुमार ने कहा कि वह पूरे जिले में घूमकर अपने पापों की सफाई दे रहे हैं. रजनीश कुमार ने कहा कि बेगूसराय की जनता कन्हैया के झांसे में आने वाली नहीं है.


