नवगछिया की पावन धरती पर आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) दक्षिण बिहार प्रांत का चार दिवसीय अभ्यास वर्ग सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। माता सती बिहूला विषहरी की भूमि पर आयोजित इस प्रशिक्षण वर्ग में दक्षिण बिहार के विभिन्न जिलों से 200 से अधिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और वैचारिक, संगठनात्मक तथा राष्ट्रीय विषयों पर गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। उद्घाटन अवसर पर एबीवीपी के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री गोविंद भाई नायक, प्रदेश उपाध्यक्ष रामप्रकाश शर्मा, प्रदेश मंत्री सुमित सिंह, प्रदेश संगठन मंत्री अनूप कुमार, स्वावलंबी भारत के राष्ट्रीय प्रमुख दिनेश कुमार यादव तथा संचालन समिति प्रमुख अनुज कुमार सिंह सहित कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।
चार दिनों तक चले इस अभ्यास वर्ग में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक समरसता, संगठन की वैचारिक दृष्टि, संपर्क विस्तार, नेतृत्व विकास और आदर्श नागरिक जीवन जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। विभिन्न सत्रों में वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं को राष्ट्र और समाज के प्रति अपने दायित्वों का बोध कराया।

राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने “वंदे मातरम्” विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय चेतना, स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा और सांस्कृतिक अस्मिता का प्रतीक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री गोविंद नायक ने संत रविदास के जीवन और उनके विचारों पर प्रकाश डालते हुए सामाजिक समरसता, समानता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
क्षेत्रीय संगठन मंत्री प्रदीप शेखावत ने एबीवीपी की वैचारिक भूमिका पर चर्चा करते हुए कहा कि परिषद केवल छात्र हितों के लिए कार्य करने वाला संगठन नहीं है, बल्कि राष्ट्र जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला एक व्यापक आंदोलन है।
दक्षिण बिहार के सह प्रांत प्रचारक आशीष कुमार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की यात्रा, संगठन निर्माण की प्रक्रिया और राष्ट्र जीवन में स्वयंसेवकों की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. याज्ञवल्क्य शुक्ला ने संगठन विस्तार में सतत प्रवास, संवाद और जनसंपर्क की आवश्यकता पर बल दिया।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए प्रांत संगठन मंत्री अनूप कुमार ने कहा कि अभ्यास वर्ग केवल प्रशिक्षण प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि कार्यकर्ता निर्माण की सतत प्रक्रिया है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर सेवा, संगठन और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
अभ्यास वर्ग के सफल आयोजन से कार्यकर्ताओं में नया उत्साह देखने को मिला। प्रतिभागियों ने इसे अपने वैचारिक और संगठनात्मक विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

