विवादों से घिरी संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती को बिहार सरकार ने भी तगड़ा झटका दिया है. कई क्षत्रियों संगठन और कई मंत्रियों के मांग के बाद आखिरकार नीतीश सरकार ने बिहार में फ़िल्म पद्मावती पर रोक लगा दी है. इसके साथ ही विवादों में घिरी फ़िल्म पद्मावती को अब बस सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का इंतजार रहेगा.

गौरतलब है कि बिहार में भाजपा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने फिल्‍म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की थी तो दूसरी ओर करणी सेना सहित कई क्षत्रीय समाज इसका विरोध कर रहे थे. पटना में भी सभी क्षत्रीय समाज की बैठक के बाद करणी सेना के संस्‍थापक व अध्‍यक्ष लोकेश सिंह कालवी ने कहा था कि रानी पद्मावती पर बनी फिल्म को रिलिज नहीं होने दिया जायेगा.

इसके साथ ही लोजपा के जिलाध्यक्ष माधव सिंह ने केंद्र और राज्य एवं सेंसर बोर्ड से फिल्म पद्मावती के रिलीज पर रोक लगाने की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि इस फिल्म में राजपूत एवं नारी समाज की भावनाओं को चोट पहुंचाने वाले दृश्य और उनके इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है. फिल्म में जान बूझकर ऐसे दृश्य डाले गए हैं जिससे रानी पद्मावती का चरित्र के हनन होने के साथ ही राजपूत समाज की छवि भी धूमिल होती है. रानी पद्मावती एक आदर्श भारतीय नारी थी जिन पर हम भारतीयों को गर्व है. मां पद्मावती ने देश, समाज और कुल की आन-बान और शान के लिए 16 हजार नारियों के साथ स्वयं को जौहर कर दिया था.

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By न्यूज़ डेस्क

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