भागलपुर : भागलपुर के अलीगंज की तेजाब पीड़िता का दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में रविवार की रात करीब 9.00 बजे निधन हो गया है।
19 अप्रैल को तेजाब हमले की शिकार हुई छात्रा को वाराणसी के समयन अस्पताल से रविवार की शाम एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाया गया था। समयन अस्पताल में छात्रा की हालत दो दिनों से अचानक बिगड़नी शुरू हो गयी थी। इसके बाद उसे सफदरगंज अस्पताल दिल्ली भेज दिया गया।

प्रशासन ने छात्रा को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में भर्ती कराया था। छात्रा को किडनी में सूजन और शरीर के अन्य भागों में तेजी से संक्रमण फैल गया था। इस कारण उसे कई तरह की परेशानी हो रही थी। उसे शुक्रवार से सांस लेने में तकलीफ होने पर वाराणसी में वेंटीलेटर पर रखा गया था। वेंटीलेटर पर ही छात्रा को दिल्ली पहुंचाया गया। दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में भर्ती होने के कुछ ही देर बाद उसका वहां निधन हो गया।

निधन की सूचना जैसे ही भागलपुर पहुंची, यहां का माहौल शोकाकुल हो उठा है। छात्रा का ज्यादातर परिजन दिल्ली में ही हैं। कुछ सगे संबंधी सोमवार दोपहर दिल्ली के रवाना हुए। 19 अप्रैल को घटना के बाद तत्काल उसे भागलपुर के जेएलएनएमसीएच भागलपुर में भर्ती कराया गया। लेकिन यहां समुचित इलाज की व्यवस्था नहीं रहने के कारण प्राथमिक उपचार कर उसे समयन अस्पताल वाराणसी भेज दिया गया। जहां एक माह तक छात्रा का इलाज हुआ। डॉक्टरों की टीम ने बहुत प्रयास किया।

बीच बीच में छात्रा की हालत में सुधार भी होता था। कई सर्जरी किए गए। लेकिन संक्रमण के कारण स्थिति अंत में और खराब होती गई। रविवार देर रात उसे दिल्ली इलाज के लिए ले जाया गया। जहां छात्रा का निधन हो गया हो उठा है। छात्रा का ज्यादातर परिजन दिल्ली में ही हैं। कुछ सगे संबंधी सोमवार दोपहर दिल्ली के रवाना हुए। 19 अप्रैल को घटना के बाद तत्काल उसे भागलपुर के जेएलएनएमसीएच भागलपुर में भर्ती कराया गया।
लेकिन यहां समुचित इलाज की व्यवस्था नहीं रहने के कारण प्राथमिक उपचार कर उसे समयन अस्पताल वाराणसी भेज दिया गया। जहां एक माह तक छात्रा का इलाज हुआ। डॉक्टरों की टीम ने बहुत प्रयास किया। बीच बीच में छात्रा की हालत में सुधार भी होता था। कई सर्जरी किए गए। लेकिन संक्रमण के कारण स्थिति अंत में और खराब होती गई। रविवार देर रात उसे दिल्ली इलाज के लिए ले जाया गया। जहां छात्रा का निधन हो गया।


