भारत बंद के दौरान वेरायटी चौक के पास जबरन दुकान बंद कराये जाने पर बवाल हो गया। बंद समर्थकों के तोड़फोड़ व हमले से आक्रोशित दुकानदारों ने बाद में दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। झड़प में दो दुकानदार घायल हो गये। मालूम हो कि सवर्णों को आरक्षण व विश्वविद्यालय में शिक्षक नियुक्ति में विभागवार 13 प्वाइंट रोस्टर लागू करने की मांग को लेकर मंगलवार को बंद किया गया था। जिसे राजद का भी समर्थन था।
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तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के कुछ छात्र जुलूस के साथ स्टेशन स्थित गोलंबर पहुंचे। वहां कुछ और लोग शामिल हुए। इसके बाद बंद समर्थक खलीफाबाग व शाह मार्केट को बंद कराने लगे। बाटा गली और वेरायटी चौक के पास बंद समर्थकों ने खूब हुड़दंग मचाया। डंडे भी बरसाए और बेल्ट भी चलाई। दुकानदार पंकज सिंघानिया और अमित कुमार चोट लगने से जख्मी हो गए। इसके बाद मामला भड़क गया और दुकानदार एकजुट होने लगे। पहले तो दुकानदारों ने समझाने की कोशिश की, लेकिन जब नहीं माने तो दुकानदारों ने बंद समर्थकों को खदेड़कर खलीफाबाग चौक पहुंचा दिया। इस दौरान बाजार में अफरातफरी मच गई। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने मामले को शांत कराया।

बंद कर ही रहे थे कि सिर पर गिराया शटर
दुकानदार पंकज सिंघानिया ने बताया कि 11 बजे दुकान खोले थे। आधे घंटे के बाद बंद समर्थक पहुंचे। दुकानें बंद की जा रही थीं। इस बीच एक बंद समर्थक ने सिर पर ही शटर गिरा दिया।
शाह मार्केट : बंद समर्थकों का रवैया सही नहीं
शाह मार्केट के दुकानदारों ने बताया कि बंद के समर्थन में हमलोग भी थे। मगर बंद समर्थकों के रवैये के चलते विरोध करना पड़ा। जबरन कुछ नहीं होता है।
पुलिस से लेकर संगठन तक ने झाड़ा पल्ला
कोतवाली थानाध्यक्ष ने झड़प की बात मानी। साथ ही कहा कि दोनों तरफ से लिखित आवेदन नहीं आया है। सामाजिक न्याय आंदोलन के गौतम कुमार ने किसी भी तरह की झड़प से इंकार करते हुए कहा कि वे लोग शांति से जुलूस निकालते हुए जा रहे थे। इस बीच हल्की कहासुनी हुई, मगर सभी ने मिलकर उसे दूर कर दिया। बहुजन छात्र से जुड़े मिथिलेश विश्वास ने कहा कि उन्हें झड़प की जानकारी मिली है। मगर टीएमबीयू बहुजन छात्र उसमें शामिल नहीं है।

