भागलपुर : शीत लहर और तेज ठंड को लेकर स्कूलों को खोलने या बंद रखने का निर्णय जिला स्तर पर ही लिया जा सकता है। इस संबंध में राज्य परियोजना निदेशक ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को इसके लिए अधिकृत किया है। हालांकि अभी तक जिला स्तर पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
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राज्य परियोजना निदेशक ने इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (एसएसए) को पत्र में कहा है कि दिसंबर से जनवरी के तीसरे सप्ताह तक शीतलहर चलती है। शीतलहर के समय यह व्यवस्था की जाए कि विद्यालय में पाठन-पाठन का संचालन सुबह के सत्र में न हो। यह सुनिश्चित करें कि जन दिनों से शीतलहरी अथवा ठंड की स्थिति अधिक खतरनाक होने वाली है। उन दिनों में विद्यालय को बंद करने का निर्देश जारी किया जाये। यदि शीतलहर के कारण विद्यालय बंद करना पड़े तो संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षक, बच्चों एव अभिभावकों को सूचना अविलंब उपलब्ध करायी जाये। इसके लिए समाचार पत्रों, रेडियो अथवा स्थानीय टीवी चैनलों आदि का सहयोग लिया जा सकता है।
सरकारी स्कूल ही होगा प्रभावित

जानकारी हो कि सरकारी स्कूलों के कैलेंडर में सर्दी की छुट्टी नहीं होती है। इसलिए सबसे अधिक प्रभावित सरकारी स्कूल के बच्चे ही होंगे। सरकारी स्कूलों में सुविधाओं के अभाव में यह परेशानी और बढ़ सकती है। जबकि निजी स्कूलों में एक दो दिनों में छुट्टियां हो जायेंगी। माउंट असिसि स्कूल में 22 दिसंबर से, संत जोसफ स्कूल में 23 दिसंबर से, एसकेपी विद्या विहार में भी 25 दिसंबर से छुट्टी होगी। इसी तरह अधिकतर निजी स्कूलों में एक दो दिनों में सर्दी की छुट्टी हो जायेगी।
अभिभावकों ने कहा बढ़ाया जाये समय
सरकारी स्कूलों के अभिभावकों का भी कहना है कि सुबह नौ बजे से स्कूल चलता है। इसका समय और बढ़ाया जाना चाहिए। मध्य विद्यालय भीखनपुर में एक छात्र के अभिभावक विनोद कुमार ने कहा कि स्कूल का समय बढ़ाना चाहिए। क्योंकि सुबह में स्कूल आने के समय काफी ठंड होती है। मध्य विद्यालय रानी तालाब के एक छात्र की मां रजनी देवी ने कहा कि सुबह में छोटे बच्चे को भेजने में डर लगता है कि कहीं ठंड नहीं लग जाये। ऐसे में कई दिन स्कूल भी छूटता है।
इस संबंध में जल्द ही बैठक कर निर्णय लिया जायेगा। इस संबंध में सभी स्कूलों को सूचना भी दे दी जायेगी।
संजय कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी, भागलपुर
