भागलपुर : गंगा का जलस्तर काफी तेजी से गिर रहा है. जिस रफ्तार से इसमें गिरावट आ रही है, उससे संभावना जतायी जा रही है कि शहर को जलापूर्ति करने वाले इंटकवेल से गंगा की धार तक अगले महीने नवंबर से नाला निर्माण का काम शुरू करना पड़ेगा. यह स्थिति पिछले कई वर्षों से होती आ रही है. इस बार भी पानी की कमी होने की प्रबल संभावना है. हाल ही में बारिश का मौसम समाप्त होने के कारण गंगा का पानी तो पहले की अपेक्षा साफ है. लेकिन गंगा के गिरते जलस्तर ने एजेंसी की चिंता अभी से बढ़ा दी है.


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पानी साफ करने में केमिकल की मात्रा घटी
गंगा का जल बारिश के मौसम से पहले काफी गंदा था. पानी में गाद काफी था. इसे साफ करने के लिए केमिकल की मात्रा डेढ़ गुना अधिक इस्तेमाल करना पड़ रहा था. बारिश के बाद से गंगा में पानी बढ़ा और पानी काफी साफ हो गया. इस कारण केमिकल की मात्रा कम कर दी गयी है. पैन इंडिया एजेंसी के लैबोरेट्री से जुड़े एक तकनीकी कर्मी ने बताया कि पहले कोगुलेंट (पानी से गाद हटाने वाला रसायन) प्रति लीटर जल में 60 पीपीएम देना पड़ता था, जो घटकर अब 40 पीपीएम हो गयी है. वहीं ब्लिचिंग पाउडर (बैक्टिरियल ग्रोथ रोकनेवाला पाउडर) 0.5 पीपीएम प्रति लीटर दिया जा रहा है.

इधर, शहर में पाइप बिछाने का काम दो साल बाद भी नहीं हुआ पूरा
भागलपुर. शहर में जलापूर्ति की नयी व्यवस्था को लेकर चल रहा पाइप बिछाने का काम काफी धीमी गति से चल रहा है. अब तक आधा काम भी पूरा नहीं हो सका है. शहर में पाइप बिछाने का काम अक्तूबर 2016 में शुरू हुआ था. दो साल का वक्त पूरा करते हुए अक्तूबर 2018 आ गया. लेकिन पाइप बिछाने का काम आधा भी पूरा नहीं कर सकी है पैन इंडिया एजेंसी.

लक्ष्य पूरा करने के लिए एजेंसी के पास सिर्फ 11 माह
भागलपुर शहर में 460 किलोमीटर पाइप बिछाने का लक्ष्य है. लेकिन अभी तक सिर्फ 147 किलोमीटर ही पाइप बिछाया जा सका है. एजेंसी के पास लक्ष्य पूरा करने के लिए अब सिर्फ 11 माह (अगस्त 2019 तक) बचे हैं. सवाल उठ रहा है कि दो साल में आधा काम भी पूरा नहीं कर पानेवाली एजेंसी 11 माह में काम पूरा कर लेगी. हालांकि एजेंसी का दावा है कि निर्धारित समय पर काम पूरा कर लेंगे.

अक्तूबर 2016 में शुरू हुआ था काम, अक्तूबर 2018 आ गया और 460 किलोमीटर में 147 किमी ही बिछा है पाइप
गंगा का जलस्तर काफी तेजी से गिर रहा है. इसे देख कर उम्मीद कर रहे हैं कि नवंबर में चैनल बनाने का काम चालू करना होगा. इसके लिए एजेंसी तैयार है. दूसरी ओर अभी तक प्रतिमाह छह से सात किलोमीटर पाइप बिछाया जा रहा है. लेकिन एजेंसी के पास अगस्त 2019 तक ही समय है. इसे ध्यान में रखते हुए आगामी दिसंबर से प्रतिमाह 20 किलोमीटर पाइप बिछाया जायेगा. पाइपलाइन के चलते कटी सड़कों की मरम्मत का काम पाइपलाइन का काम समाप्त होने के पांच माह बाद तक चलता रहेगा

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