मानसून की शुरुआती मुसलाधार बारिश से कई नदियों के जलस्तर में वृद्धि हो गई है। जिले से गुजरने वाली गंगा व कोसी का जलस्तर में पिछले 48 घंटे में खासी वृद्धि हुई है। भागलपुर में गंगा और कोसी नदी ही प्रमुख रूप से बहती है। जल संसाधन विभाग के अभियंताओं ने बताया कि बुधवार को हाथीदह में 43.6 मिमी, मुंगेर में 21.2 मिमी, भागलपुर में 10.9 मिमी और कहलगांव में 16.6 मिमी बारिश हुई है।
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जिससे मोकामा से लेकर कहलगांव तक गंगा में वृद्धि दर्ज की गई है। हाथीदह से कहलगांव डाउन स्ट्रीम में है। इसलिए गंगा के जलस्तर में वृद्धि हुई है। कोसी नदी में भी वृद्धि का कारण भारी बारिश है। बसुआ में 119 मिमी, बलतारा में 20.2 मिमी व कुरसेला में 24 मिमी बारिश हुई है। जिससे नवगछिया के विजय घाट पुल के पास खतरे के निशान 31 मीटर के करीब है। फ्लड मैनेजमेंट इ्ंप्रूवमेंट सपोर्ट सेंटर ने आकलन किया है कि यहां 31.17 मीटर हो जाएगा। हालांकि सहोरा में खतरे के निशान 31.48 मीटर के वनिस्पत 27.22 मीटर पर बह रही है।
सुल्तानगंज में लाल निशान से 4 मीटर नीचे गंगा
भागलपुर में गंगा बढ़ने से दियारा के नये इलाकों में पानी बढ़ रहा है। जिससे जल प्रवण क्षेत्र में कटाव का खतरा बढ़ गया है। यह नवगछिया साइड में ज्यादा हो रहा है। जल संसाधन विभाग के जारी आंकड़े के मुताबिक मुंगेर में 8, भागलपुर में 7, कहलगांव में 5 मी. दूर है। सुल्तानगंज में गंगा लाल निशान 32.50 मीटर के नीचे 28.35 मीटर पर बह रही है। गुरुवार को भागलपुर में 33.68 मीटर से नीचे 26.94 मीटर और कहलगांव में 31.00 मीटर से नीचे 26.40 मीटर पर गंगा का जलस्तर मापा गया। राघोपुर में लाल निशान 32.80 मीटर से नीचे 27.25 मीटर, इस्माईलपुर बिंदटोली में लाल निशान 31.60 मीटर से नीचे 26.30 मीटर और घोघा क्रॉसिंग के पास लाल निशान 28.52 मीटर से नीचे 27.24 मीटर पर गंगा का जलस्तर रहा।

बिहार में गंगा में वृद्धि, फरक्का में घट रही
गंगा पूरे बिहार में अभी राइजिंग स्टेज में है लेकिन फरक्का में डाउन है। बताते हैं कि कहलगांव व साहेबगंज में गंगा में ज्यादा सिल्ट से फरक्का (मुर्शिदाबाद) तक पानी का बहाव धीमा हो जाता है। यही वजह है कि फरक्का में गंगा में पानी कम है। हालांकि जल संसाधन विभाग के विशेषज्ञ अभियंता गोपाल चंद्र मिश्रा बताते हैं कि फरक्का तक पानी पहुंचने में वक्त लगता है। संभव है कि अगले 48 घंटे में पानी वहां तक चला जाए। वैसे फरक्का में बिहार से आ रही गंगा का पानी 40 लाख क्यूसेक ही डायवर्ट किया जाता है।
