प्रखंडों में बने क्वारंटाइन सेंटरों को 15 जून से बंद कर दिया गया। क्वारंटाइन सेंटरों में रहने वाले प्रवासी मजदूर होम क्वारंटाइन के लिए चले गये। अब जो आ रहे हैं, वह घर जा रहे हैं। जिले में कोरोना से संक्रमित होने का मामला अभी आ ही रहा है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक दूरी का पालन करवाना प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है।

जिले में 10 मार्च के बाद 56 हजार से अधिक लोग जिले में आये हैं। बाहर से आने वालों का सिलसिला जारी है। प्रवासी मजदूर और अन्य लोग स्पेशल ट्रेन या दूसरे वाहनों से आकर घर पहुंच रहे हैं। समाज के लोगों के संपर्क में भी आ रहे हैं। ऐसे में बाहर से आए लोगों के होम क्वारंटाइन की निगरानी करना प्रशासन के लिए आसान काम नहीं है।

सभी घरों पर निगरानी रखी जा रही: डीएम प्रणव कुमार ने बताया कि क्वारंटाइन सेंटर से घर भेजे प्रवासी मजदूरों की नियमित निगरानी की जा रही है। इसके लिए प्रखंड और पंचायत स्तर पर टीम का गठन पूर्व में किया जा चुका है।

पल्स पोलियो अभियान की तरह कर्मी बाहर से आने वालों की निगरानी कर रहे हैं। संदिग्ध पाये जाने पर सैंपल लेकर जांच करायी जा रही है। कोरोना से बचने के लिए सभी लोगों को जागरूक रहना जरूरी है। कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। लोगों को घर से निकलने पर मास्क पहनना होगा। सामाजिक दूरी का पालन भी करना होगा। सभी बीडीओ, सीओ और थानाध्यक्षों की गांवों की गतिविधियों की जानकारी लेते रहने का निर्देश दिया गया है।

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By न्यूज़ डेस्क

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