गंगा के कटाव से राघोपुर-काजीकोरैया में तबाही, 200 मीटर रेलवे टैगिंग बांध बहा, पांच घर नदी में समाए
30 घरों पर मंडरा रहा कटाव का खतरा, आधा किलोमीटर के दायरे में घर खाली कराए गए; अधीक्षण अभियंता के नहीं पहुंचने पर डीएम नाराज
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नवगछिया। गंगा के घटते जलस्तर के बीच राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध के रेलवे टैगिंग बांध पर कटाव का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार की रात बांध का करीब 150 मीटर हिस्सा गंगा में समा गया था। शनिवार की सुबह 50 मीटर और हिस्सा नदी में बह गया। इस तरह अब तक बांध का करीब 200 मीटर हिस्सा गंगा में समा चुका है। शनिवार को पांच और घर नदी में समा गए, जबकि 30 घरों पर कटाव का खतरा मंडरा रहा है।
कटाव की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रभावित स्थल से करीब आधा किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी घरों को एहतियातन खाली करा लिया गया है। बांध टूटने के बाद पानी के बीच घिरे कुछ घरों पर भी गंगा में समाने का खतरा बना हुआ है। जल संसाधन विभाग की ओर से बड़ी संख्या में मजदूरों को लगाकर बचाव कार्य कराया जा रहा है।

दो मंत्रियों ने लिया कटाव स्थल का जायजा
कटाव की गंभीर स्थिति को देखते हुए पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र और ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल भी मौके पर पहुंचे। दोनों मंत्रियों ने स्थिति का जायजा लिया और बचाव कार्य में लगे जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बांध को बचाने और आसपास के घरों को सुरक्षित रखने के लिए विभागीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
अभियंता नहीं पहुंचे तो डीएम का फूटा गुस्सा
शनिवार की दोपहर डीएम अलंकृता पांडेय जाह्नवी घाट पहुंचीं। वहां जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता जयप्रकाश पासवान और कार्यपालक अभियंता गौतम कुमार मौजूद थे। डीएम ने दोनों अधिकारियों से नाराजगी जताते हुए पूछा कि जब उन्होंने पहले ही ब्रह्मबाबा स्थान के पास काम कराने का निर्देश दिया था, तो वहां काम क्यों नहीं हुआ।
इसके बाद डीएम ने बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, पटना के अधीक्षण अभियंता विवेक गौरव को मौके पर बुलाने को कहा। कार्यपालक अभियंता गौतम कुमार ने अधीक्षण अभियंता को फोन किया। बताया गया कि वे दूसरी ओर के प्वाइंट पर हैं और डीएम को वहां लाने को कहा।
एक किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचीं डीएम
अधीक्षण अभियंता के बताए स्थान पर पहुंचने के लिए डीएम करीब एक किलोमीटर पैदल चलकर तटबंध के दूसरे छोर तक गईं। हालांकि, वहां भी अधीक्षण अभियंता नहीं मिले। इसके बाद डीएम वापस ब्रह्मबाबा स्थान पहुंचीं और कार्यपालक अभियंता को फिर फटकार लगाई। उन्होंने अधीक्षण अभियंता को बुलाने का निर्देश दिया।
कार्यपालक अभियंता गौतम कुमार ने कई बार फोन किया। हर बार अधीक्षण अभियंता ने पांच मिनट में पहुंचने की बात कही। काफी देर तक उनके नहीं पहुंचने पर डीएम नाराज हो गईं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि फोन कर उन्हें बता दें कि जब तक वे मौके पर नहीं आएंगे, वह वहीं बैठी रहेंगी।
बाद में अधीक्षण अभियंता मौके पर पहुंचे। गंगा के कटाव से बांध और आसपास के घरों पर लगातार खतरा बना हुआ है। ऐसे में प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और बचाव कार्य को तेजी से पूरा करना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है।
