बिहार में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। दो दिनों में पटना सहित सूबे के शहरों के पारे में दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। सोमवार को पटना, गया, भागलपुर सहित सूबे के कई शहर तपते रहे और जनजीवन पर इसका गहरा असर पड़ा। पटना में तो अधिकतम तापमान ने मई माह के तीन साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
हीट वेव की चपेट में आई राजधानी का अधिकतम तापमान सोमवार को 43.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। सूबे में सबसे ज्यादा तापमान गया का 44.2 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विज्ञान विभाग की मानें तो पटना व आसपास के इलाके मंगलवार को भी हीट वेव की चपेट में रहेंगे। बुधवार से मामूली राहत के आसार हैं।
मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़े के अनुसार पिछले तीन सालों में मई महीने में इतनी गर्मी नहीं पड़ी थी। इससे पहले वर्ष 2018 में 26 मई को सबसे गर्म दिन था, जब पटना का पारा 41.5 डिग्री सेल्सियस रहा था। वर्ष 2017 में 21 मई को पटना का अधिकतम पारा 43.4 डिग्री रहा था। वहीं वर्ष 2016 में मई महीने का सबसे गर्म दिन 17 मई को रहा था जब पटना का अधिकतम पारा 42.5 डिग्री रिकार्ड किया गया था।

मौसम विभाग के अनुसार पिछले चार वर्षों में वर्ष 2015 में पटना का पारा 23 मई, 2015 को राजधानी का पारा 44.3 डिग्री पर पहुंचा था। इसके बाद से अगले तीन वर्षों में गर्मी में पारा इतना ऊपर नहीं आया था। सोमवार को सुबह से खिली तेज धूप और पछुआ हवा के कारण अधिकतम तापमान सामान्य से छह डिग्री ऊपर पहुंच गया। सोमवार शाम से लगातार चल रही पूर्वी और उत्तरी हवा नमी बढ़ा रही है।
मौसमविदों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण बिहार के पूर्वी हिस्सों में अगले 24 घंटे में बादलों का जमावड़ा हो जाएगा। हालांकि पटना में 31 मई से पहले बारिश के आसार नहीं दिख रहे हैं। भागलपुर में अगले तीन दिन और पूर्णिया में एक दिन का हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद प्री मानसून की बारिश के आसार हैं।


