दुर्गापूजा पर इस बार मूर्ति पर 25 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक विभिन्न पूजा समिति के खर्च किए जाने का अनुमान है। प्रतिमा की ऊंचाई 6 से 16 फीट तक की होगी। मारवाड़ी पाठशाला में जुबक संघ की ओर से लगभग 16 फीट ऊंची मां की प्रतिमा कोलकाता कुम्हारटोली के सुब्रतो पाल बना रहे हैं। प्रतिमा पर लगभग डेढ़ लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। मुंदीचक गढ़ैया दुर्गा मंदिर प्रतिमा की ऊंचाई लगभग 15 फीट है। यहां मूर्तिकार अम्बई भागलपुर के रंजीत पंडित प्रतिमा बना रहे हैं। सचिव कुमार धर्मेंद्र ने बताया कि प्रतिमा-पूजन पर लगभग 55 हजार खर्च होने का अनुमान है।
वहीं कालीबाड़ी मानिक सरकार में मां दुर्गा की प्रतिमा 8 फीट ऊंची बनायी गई है। बंगाल से प्रशिक्षित मूर्तिकार विजय गुप्ता यहां प्रतिमा को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। पूजा कमिटी के महासचिव बिलास कुमार बागची ने बताया कि सिर्फ मूर्ति पर 25 हजार खर्च होने का अनुमान है। मोहद्दीनगर दुर्गा मंदिर प्रतिमा की ऊंचाई लगभग 14 फीट के करीब होगी, यहां भी रंजीत मूर्ति बना रहे है। मीडिया प्रभारी राकेश रंजन केशरी ने बताया कि 1 लाख 25 हजार प्रतिमा पर खर्च होने का अनुमान है। आदमपुर चौक स्थित दुर्गा मंदिर पूजा कमिटी के सचिव राकेश कुमार दूबे ने बताया कि मां दुर्गा की प्रतिमा की ऊंचाई लगभग 8 फीट होगी। स्थानीय मूर्तिकार विजय प्रतिमा बना रहे हैं। प्रतिमा पर लगभग डेढ़ लाख रुपये खर्च होने का उम्मीद है।

मोहद्दीनगर दुर्गा मंदिर में पहली पूजा से चांदी की 21 थालियों में लगाया जाएगा मां को भोग
मोहद्दीनगर दुर्गा मंदिर में इस बार सप्तमी से दशमी तक चार दिन तक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसमें जागरण के अलावा बाल कलाकार नृत्य संगीत और नाटक की प्रस्तुति देंगे। पहली पूजा से दशमी तक चांदी के 21 थालियों में मां का भोग लगाया जाएगा और 108 दीपों से माता की आरती की जाएगी। 16 अक्टूबर मंगलवार को स्थानीय बाल कलाकार नृत्य संगीत की प्रस्तुति देंगे। वहीं 17 अक्टूबर को सरगम म्यूजिकल एकेडमी के कलाकार गीत-संगीत व नटराज डांस एकेडमी के कलाकार नृत्य पेश करेंगे।

18 अक्टूबर को जागरण और 19 अक्टूबर को श्रीकृष्ण क्लब बरारी, रंग ग्राम व कला सागर सांस्कृतिक संगठन के कलाकार नाटक का मंचन करेंगे। सांस्कृतिक सचिव सह मीडिया प्रभारी राकेश रंजन केशरी ने बताया कि यहां पंडित नवीनचंद्र झा के नेतृत्व में 11 पंडितों द्वारा दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाएगा। दुर्गापूजा समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि स्थानीय जनता द्वारा लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचित कार्यकारिणी समिति पूजा कराती है। सचिव गोपाल प्रसाद साह ने बताया कि पूर्व जमींदार तिलकधारी लाल की पुत्री के नाम पर इस मंदिर का नाम मां कल्याणी रखा गया है। मान्यता है कि सच्चे भक्तिभाव से मां की पूजा करने पर माताओं की सूनी गोद भरती हैं।


