भागलपुर। गंगा नदी पर बनने वाले फोरलेन सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) बनवाएगा। पुल निर्माण की प्रक्रिया के तहत कार्यपालक अभियंता अभिनव कुमार की यहां प्रतिनियुक्ति की गई है। यहां कार्यालय के लिए भवन की तलाश की जा रही है।
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निगम के वरीय परियोजना अभियंता राम सुरेश राय ने कहा कि जब मोर्थ के कार्यपालक अभियंता की पोङ्क्षस्टग कर दी गई है, कार्यालय बनेगा तो दो विभाग काम नहीं कर सकता है। किसी एक विभाग की देखरेख में ही पुल निर्माण कार्य होगा। हालांकि अबतक मुख्यालय से इस बारे में विधिवत सूचना विभाग को प्राप्त नहीं हुई है।
इधर, 838 करोड़ की लागत से बनने वाले फोरलेन का ठीका एलएंडटी को मिला है। 4.455 लंबे इस पुल का निर्माण जून में शुरू होगा और 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पुल का निर्माण विक्रमशिला सेतु से 50 मीटर दूर पूरब दिशा से बनेगा। 68 पाए वाले इस पुल के दोनों ओर फुटपाथ होगा। गंगा नदी पर 120 मीटर का स्पेन बनेगा। भागलपुर की ओर 987 मीटर और नवगछिया की ओर 875 मीटर पुल का पहुंच पथ बनना है। वहीं पुल के नीचे पानी की जहाज निकलने के लिए इनलैंड वाटर वेज ऑथिरिटी ऑफ इंडिया की आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त चौड़ा स्पेश छोड़ा जाएगा।

विभागीय अधिकारियों ने कहा कि पुल के लिए 21.3 हेक्टेयर भू-अर्जन की कार्रवाई लगभग पूरी हो चुकी है। जिसमें 255 रैयतों की भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई होनी है। भू-अर्जन में 59 करोड़ राशि खर्च होंगे। अगले दस साल तक निर्माण एजेंसी को ही पुल का संरक्षण करना होगा। वन एवं पर्यावरण विभाग और अंतर्राष्ट्रीय जलमार्ग से जल्द अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने की उम्मीद है। दरअसल, इस पुल के बन जाने से लोगों को हर दिन विक्रमशिला सेतु पर लगने वाले जाम से निजात मिल जाती है। अभी लगभग हर रोज विक्रमशिला सेतु पर जाम की समस्या से लोग जूझ रहे हैं।

