शादियों के मौसम में बेटी की शादी से पहले मां-बाप लड़के के बारे में लोक सूचना का अधिकार कानून (आरटीआइ) से ब्योरा ले रहे हैं। विभिन्न महकमों के लोक सूचना पदाधिकारियों के दफ्तरों में ऐसी अर्जियां पड़ी हैं, जिनमें वर के बारे में जानकारी मांगी गई है।
रोचक यह कि बेटी की शादी के लिए पिता ही नहीं, परिजन भी अर्जियों से वर की कुंडली खंगाल रहे हैं। किसी ने लड़के की स्थायी नौकरी और तनख्वाह की थाह लेने की अर्जी लगा रखी है तो किसी ने लड़के की शैक्षणिक योग्यता का पता लगाने के लिए आवेदन दिया है। लोक सूचना पदाधिकारियों के मुताबिक ये अर्जियां नये और दिलचस्प अनुभवों का अहसास कराती हैं।


नवगछिया न्यूज़ WhatsApp Group

ले रहे पद व योग्‍यता की जानकारी

पीएचईडी के इंजीनियरिंग डिविजन में कार्यरत अभियंता वर सुधांशु (बदला हुआ नाम) की शादी भागलपुर के एक कारोबारी परिवार में तय हुई है।

मगर दिलचस्प यह कि बेटी की शादी के पहले पिता ने वर के वेतन, सही पदनाम और शैक्षणिक योग्यता के बारे में जानकारी आरटीआइ अर्जी देकर मांगी है। यह भी सवाल पूछा है कि इंजीनियरिंग की डिग्री कहां से ली है। इसी तरह की चार आरटीआइ अर्जियां खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में आईं हैं।

  नवादा के हिसुआ निवासी चंद्रमणि सिंह ने गोदाम मैनेजर देव किशोर से बेटी की शादी तय की है।

उन्होंने वर के वेतन और भविष्य में मिलने वालीं प्रोन्नति संबंधी सूचना मांगी है। लोक सूचना पदाधिकारी ने कई दिलचस्प बातें बताईं। कहा, पश्चिम चंपारण के एक बिजनेस मैन श्याम बिहारी साव ने अर्जी दी है।

उन्होंने एसएफसी में सहायक महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत युवक के वेतन और एमबीए की डिग्री के बारे में सूचना मांगी है। एक अर्जी में तो लड़के के व्यवहार के बारे में नहीं, बल्कि उसके वेतन वृद्धि यानी भविष्य में वेतन के क्रेडिट स्कोर के बारे में पूछा गया है।

पैन नंबर से जान रहे स्टेटस

समाज कल्याण विभाग में सहायक के पद पर कार्यरत दीपक दयाल (परिवर्तित नाम) का मामला और भी रोचक है। उनके पिता मुजफ्फरपुर में बिजनेस मैन हैं। लोक सूचना कार्यालय में जो अर्जी है, उसके साथ पैन नंबर की छायाप्रति है। बेटी की शादी से पहले भोजपुर के कारोबारी परिजन ने दीपक और उसके परिवार के बारे में आर्थिक ब्योरा एकत्र करने में मदद की गुहार लगाई है।

दरअसल, यह नई बात सामने आई है जो वर के बारे में आर्थिक हैसियत की सटीक सूचना मुहैया कराती है। वर की आर्थिक हैसियत की सही सूचना पाने के लिए वधु पक्ष द्वारा क्रेडिट इनफॉरमेशन ब्यूरो इंडिया लिमिटेड (सिबिल) की मदद ली जा रही है।

सिबिल की सहायता से किसी भी व्यक्ति के कर्ज का विस्तृत ब्योरा हासिल किया जा सकता है। इस संबंध में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सेवानिवृत्त अधिकारी मृत्युंजय कुमार ने बताया कि वे लोन का काम देखते थे, जब ऐसे कई मामले में आए थे। शादी से पहले लड़केवालों की सिबिल जानकारी इसलिए जुटाई जाने लगी है, क्योंकि इससे लड़के वाले के ट्रैक का पता चल जाता है। कई बार लड़के वालों के घर-द्वार को देखने से वे करोड़पति दिखते हैं, लेकिन असल में उनकी औकात उतनी नहीं होती।

By न्यूज़ डेस्क

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Kulisbet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Kulisbet
Kulisbet giriş
Kulisbet güncel giriş
kralbet
Dinamobet
Dinamobet
Madridbet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Matbet
Matbet