मकान बनाने की सोच रहे हैं तो जानिए इस संबंध में सरकार ने क्या की है नई घोषणा। दरअसल अब बिहार में नहीं बनेगी मिट्टी से ईंटें।
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इस संबंध में बिहार सरकार के भूतत्व और खनन मंत्री विनोद कुमार सिंह ने कहा कि पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने और उपजाऊ मिट्टी के संरक्षण के लिए एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के आदेश पर पूरे देश में अब मिट्टी की ईंट के निर्माण पर रोक लगा दी गई है।
कटिहार के जिला अतिथिगृह में रविवार को खनन मंत्री श्री सिंह पत्रकार वार्ता कर रहे थे। उन्होंने बताया कि ईंट भट्ठे को बंद करने का फैसला केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकार ने भी लिया है। मिट्टी की ईंट के बदले फ्लाई ऐश ब्रिक्स बनाया जाएगा।

इस ब्रिक्स (ईंट) का निर्माण बरौनी और पश्चिम बंगाल के अलावा अन्य जगहों के कारखानों से प्राप्त ऐश और डस्ट का 70 प्रतिशत, 20 प्रतिशत बालू तथा 10 प्रतिशत सीमेंट मिला कर किया जाएगा। इसके लिए किसी भट्ठे की जरूरत नहीं होगी। यह फ्लाइ ऐश ब्रिक्स मिट्टी से बनने वाली ईंट से 1 से 1.50 रुपये कम कीमत पर उपलब्ध होगी। साथ ही यह ईंट मिट्टी की ईंट से 10 गुना मजबूत होगी।
बताया कि हर जिले में 150 से 300 ईंट भट्ठे चल रहे हैं। इससे उपजाऊ जमीन बेकार हो रही है। साथ ही इससे प्रदूषण की समस्या बढ़ रही है। चिमनी से निकल रहे धुएं से पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। इन समस्याओं से निजात पाने के लिए भारत सरकार और एनजीटी के आदेश पर पूरे बिहार में फ्लाई ऐश ब्रिक्स का कारखाना लगाया जाना है।

इसके तहत कटिहार, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा सुपौल, भागलपुर, बांका, सहित सभी जिले में फ्लाई ऐश ब्रिक्स के दो से तीन कारखाने लगाये जाएंगे। खनन मंत्री ने कहा कि इस योजना से रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। कोई भी बेरोजगार बैंक से डेढ़ करोड़ रुपये तक ऋण लेकर फ्लाई ऐश ब्रिक्स का कारखाना खोल सकता है।

