खगड़िया के मानसी थाना क्षेत्र के चकना बहियार स्थित मैंजरो चौर के समीप सशस्त्र अपराधियों ने तीन लाख रुपये लूटने के बाद शिक्षक की गोली मारकर हत्या कर दी। शशि भूषण कुमार (54 वर्ष) रोहियार निवासी स्व. विष्णुदेव भगत के बेटे थे। वह पास के ही मिडिल स्कूल बलकुंडा में हेडमास्टर के पद पर थे। शशि भूषण का परिवार सहरसा में रहता है।
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वारदात रविवार देर रात की है। सोमवार की सुबह शिक्षक का शव मिलने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गयी। शव मिलने की सूचना मिलते ही मानसी पुलिस घटनास्थल पर पहुंच कर मामले की जांच में जुट गई।

जानकारी के अनुसार शिक्षक शशि भूषण अपनी एक बीघा तीन कट्ठा जमीन गांव के ही श्रवण साह को 21 लाख में बेची था। रविवार की शाम को रोहियार गांव में ही श्रवण साह ने पूर्व पंसस राज किशोर साह के समक्ष तीन लाख 5 हजार रुपये अग्रिम दिये थे। इसके बाद शिक्षक राशि लेकर सहरसा जाने के लिए बाइक से धमारा घाट स्टेशन पहुंचे। बताया जा रहा है कि वहां इनकी ट्रेन छूट गई। इसके बाद वह पैसों से भरा बैग लेकर ठूठी निवासी अपनी बहन के घर जा रहे थे।

बताया गया कि धमारा घाट स्टेशन और ठूठी गांव के बीच चकना बहियार के समीप मैंजरो चौर के पास अपराधियों ने पहले शिक्षक को लूटा। विरोध करने पर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। शिक्षक को तीन गोली मारी गई है। इसमे दो गोली सीना एवं एक गोली सिर में लगी है। शिक्षक की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की जानकारी लोगों को सोमवार की सुबह मिली। सूचना पर जिला परिषद सदस्य मिथलेश यादव, शिक्षक संघ के प्रखंड अध्यक्ष सुधीर कुमार सहित काफी संख्या में लोंगों की भीड़ जुट गई। मौके पर मानसी थानाध्यक्ष शिव कुमार पुलिस बल के साथ पहुंचकर घटना की जांच में जुटे थे। इधर घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

