भागलपुर से रांची के बीच चलने वाली वनांचल एक्सप्रेस का परिचालन 30 जून से पुराने मार्ग धनबाद के रास्ते किया जाएगा। रेलवे ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। ट्रेन संख्या 13403/04 वनांचल एक्सप्रेस अभी 14 कोच के साथ चल रही है। इसमें 10 कोच बढ़ाने पर रेलवे विचार कर रही है। कोच बढ़ने से ट्रेन 24 कोच की हो जाएगी। इससे यात्रियों को काफी सहूलियत होगी।
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दरअसल, धनबाद-चंद्रपुरा लाइन (डीसी) के नीचे आग लगने की वजह से 17 जून 2017 से वनांचल एक्सप्रेस आसनसोल-जयचंडी पहाड़ और बोकारो के रास्ते अप-डाउन कर रही है। पर, अब इस लाइन पर परिचालन शुरू होने के बाद वनांचल एक्सप्रेस को पुराने मार्ग (धनबाद) से चलाने का निर्णय रेलवे ने लिया है। परिचालन शुरू होने के बाद भागलपुर, घोघा, कहलगांव, पीरपैंती के यात्रियों को धनबाद के लिए एक और सीधी ट्रेन मिल जाएगी।
आरक्षण के कारण हुआ विलंब : करीब 23 महीने से वनांचल एक्सप्रेस अभी दूसरे रूट से चल रही है। इस कारण इस ट्रेन का आरक्षण 29 जून तक हो गया है। 30 जून से आसनसोल-धनबाद-कतरास-चंद्रपुरा-बोकारो रांची रूट से ही आरक्षण मिलना शुरू हो गया है।

हजारों यात्रियों को होगी सहूलियत : ट्रेन में कोच बढ़ने से केवल भागलपुर और रांची ही नहीं बल्कि बोकारो, धनबाद सहित भागलपुर आसपास के हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी। अभी इस ट्रेन में जनरल कोच की संख्या छह है इस कारण भीड़ ज्यादा रहता है। कोच बढ़ने से स्थिति ठीक हो जाएगी।
वनांचल का पुराना रूट : भागलपुर, कहलगांव, साहिबगंज, बड़हड़वा, तीन पहाड़, रामपुरहाट, सैंथिया, रानीगंज, आसनसोल, धनबाद, कतरासगढ़, फुलवारीटांड, चंद्रपुरा, बोकारो स्टील सिटी, मूरी के रास्ते रांची पहुंचेगी।

भागलपुर : जमालपुर से चलकर मालदा जा रही इंटरसिटी पर सवार होने के लिए सोमवार को यात्रियों के बीच आपाधापी रही। भीड़ ज्यादा होने के कारण सैकड़ों यात्री ट्रैक की दूसरी दिशा में खड़े हो गए। इंटरसिटी जैसे ही आई लोग सीट लूटने और सवार होने के लिए दौड़ने लगे। ट्रेन के सभी कोच यात्रियों से खचाखच भरी रही। जनरल कोच में क्षमता से दोगुने से भी ज्यादा यात्रियों ने सफर किया। महिला कोच पूरी तरह पैक होने के कारण कई महिलाएं गेट पर ही खड़े होकर सफर करती दिखीं।

दरअसल, कहलगांव, साहिबगंज, पाकुड़, बड़हरवा की ओर जाने के लिए दोपहर ढ़ाई बजे के बाद कोई ट्रेन नहीं थी। इंटरसिटी भी आधे घंटे विलंब से चल रही थी। ट्रेन करीब पौने पांच बजे एक नंबर प्लेटफॉर्म पर पहुंची। भीड़ नियंत्रण के लिए कहीं भी आरपीएफ और जीआरपी के जवान नहीं दिखे। रेलवे की ओर से सुरक्षा का इंतजाम नहीं गया था। इस कारण यात्री जैसे-तैसे ट्रेन के अंदर प्रवेश किए। आरपीएफ इंस्पेक्टर एके सिंह का कहना है कि मालदा इंटरसिटी के समय अगर जवान नहीं थे, तो कल से जवानों को भीड़ नियंत्रण के लिए लगाया जाएगा।

