बिहार में कोरोना संक्रमण पर रोकथाम के लिए सरकार मॉस्क नहीं लगाने वालों से 500 रुपए जुर्माना लगाने का प्रावधान करने जा रही है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा बिहार महामारी कोविड-19 विनियमावली, 2020 में संशोधन करने का प्रस्ताव है।

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राज्य में वर्तमान में बिना मॉस्क के पाए जाने वाले व्यक्ति से 50 रुपये प्रति व्यक्ति की दर से दंड शुल्क वसूला जाता है। विभाग ने इस दंड शुल्क को 10 गुना बढाकर 500 रुपये करने का जो प्रस्ताव तैयार किया है,उस पर अंतिम निर्णय राज्य सरकार के स्तर पर लिया जाएगा। इसका मकसद मास्क के उपयोग को बढ़ावा देना है। राज्य में जुलाई के पहले सप्ताह से मॉस्क पहनना अनिवार्य किया गया है। इसके लिए जिलों के जिलाधिकारी को कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है। कोरोना के खिलाफ जंग में मॉस्क को बड़ा हथियार व माध्यम माना गया है। इससे नाक व मुंह के माध्यम से कोरोना वायरस शरीर में प्रवेश नहीं कर पाते हैं।

दिल्ली में दो हजार तो गुजरात में एक हजार रुपये दंड शुल्क

कोरोना की दूसरी लहर पर नियंत्रण को लेकर दिल्ली में दो हजार तो गुजरात में एक हजार रुपये दंड शुल्क लगाया गया है। दिल्ली में पहले पांच सौ रुपये दंड वसूली का प्रावधान था। जबकि अमहदाबाद में फिर से कोरोना से बढ़ते मामलों को लेकर नाइट कर्फ्यू लगाया गया। गुजरात में पहले 500 रुपये जुर्माना का प्रावधान था जबकि नये नियम के मुताबिक यहां पर मॉस्क नहीं पहनने पर दंड शुल्क को बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया गया। यूपी में बिना मास्क पहनने बाहर घूमने पर अधिकतम 500 रुपया जुर्माना देना पड़ता है। मास्क पहनने के नियम के मुताबिक पहली बार बिना मास्क के प़कड़े जाने पर 100 रुपया, दूसरी बार 100 रुपया और इसके बाद बिना मास्क के पकड़े जाने पर 500 रुपया आर्थिक दंड देना प़ड़ता है।

मध्यप्रदेश में सरकार द्वारा जारी कोरोना के नियमों के मुताबिक मास्क नहीं पहनने पर 100 रुपये का जुर्माना भरना पड़ता है। राजस्थान में मास्क नहीं पहनने पर 500 रुपया जुर्माना देना पड़ता है। इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का उल्लघंन करने पर 200 स लेकर 2000 रुपये तक के आर्थिक दंड का प्रावधान रखा गया है। बिहार में ही सबसे कम 50 रुपये का दंड शुल्क निर्धारित है और दो मास्क देने का भी प्रावधान किया गया है।

सामाजिक दूरी के निर्देश के पालन पर दिया जाएगा जोर

स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को सामाजिक दूरी के पालन को लेकर जागरूक करने का भी निर्णय लिया गया है। इससे कोरोना के दूसरी लहर से बचाव में काफी मदद मिलेगी। राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा सभी जिलों में इस संबंध में जागरूकता अभियान संचालित किया जाएगा। वहीं, सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को सामाजिक दूरी के महत्व की भी जानकारी दी जाएगी।

Input: Live Hindustan

By न्यूज़ डेस्क

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