मुंगेर से मिर्जाचौकी के बीच करीब 125 किलोमीटर लंबे बननेवाले फोरलेन के लिए भागलपुर जिला में जमीन का सत्यापन पूरा हो गया है। जिले के 89 राजस्व गांवोंका सत्यापन हो गया है। जिला भू-अर्जन विभाग से इसकी रिपोर्ट एनएचएआई के परियोजना निदेशक को भेजी गई। वहां से अब तक सत्यापन की रिपोर्ट पथ परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय को भी भेज गई है। अब वहां से गजट प्रकाशन होगा। इसमें रैयत व उसकी जमीन के बारे में विस्तार से जानकारी होगी।
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इसके बाद रैयतों से दावा आपत्ति ली जाएगी। साथ ही जमीन का मूल्यांकन कर उसकी श्रेणी तय होगी और इसके बाद उसकी दर तय की जाएगी। फिर जमीन अधिग्रहण का काम शुरू होगा। वहीं एनएचएआई के अफसर का दावा है कि जमीन मिलने के ढाई साल के अंदर फोरलेन बना देंगे। बता दें कि पथ परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने बीते 12 जनवरी 2017 को इस रास्तेमें आनेवाले गांवों की अधिसूचना जारी की। इसके बाद जमीन अधिग्रहण को लेकर प्रपत्र तीन ए का प्रकाशन सालभर पहले किया गया। फोरलेन के लिए 121 गांवों की जमीन अधिग्रहित करनी है। इनमें भागलपुर जिले के 89 और मुंगेर जिले के 32 गांवों की जमीन ली जाएगी। इन गांवों की सूची का प्रकाशन भी हो चुका है।


सृजन घोटाले के बाद सत्यापन का काम अटक गया था
फोरलेन के जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से चल रही थी। लेकिन बीच में ही पिछले साल सृजन घोटाला सामने आ गया और इसकी फाइल दब गई। इसके बाद बीते जून से इसमें दोबारा से गति आई है। लेकिन नक्शा में गड़बड़ी पाई गई। इसके बाद भू-अर्जन ने एनएचएआई से दोबारा संशोधित नक्शा मांगा। वहीं मुख्य सचिव ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया था कि फोरलेन की अड़चन दूर कर उस दिशा में पहल तेज करें। इसके बाद एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने भागलपुर आकर डीएम से मुलाकात की थी। इसमें मुंगेर से मिर्जाचौकी तक प्रस्तावित
फोरलेन का संशोधित नक्शा एनएचएआई ने भू-अर्जन विभाग को सौंपा गया। इसके बाद ही भू-अर्जन विभाग से जमीन सत्यापन का काम शुरू हुआ। अब सत्यापन का काम पूरा हुआ है।
अब गजट का होगा प्रकाशन
^मुंगेर से मिर्जाचौकी के बीच प्रस्तावित फोरलेन के लिए जमीन सत्यापन का काम पूरा हो चुका है। एनएचएआई के माध्यम से उसकी रिपोर्ट पथ परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय को भी जा चुका है।
सुरेंद्र प्रसाद, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी

