दिन में गर्मी का अहसास तो रात में सिहरन वाली ठंड। इन सबके बीच शरीर को एडजस्ट करना मुश्किल हो रहा है। ऊपर से दिन-रात के तापमान का अंतर 15.0 डिग्री सेल्सियस का। दो सप्ताह पहले यह अंतर नौ डिग्री सेल्सियस का था। चिकित्सक लोगों को अलर्ट कर रहे हैं कि दिन-रात के तापमान का अंतर शरीर को बीमार बना सकता है।
इसी मौसम में वायरल, फ्लू, शुगर, हाईपरटेंशन, ह्रदयाघात व ब्रेन स्ट्रोक के मामले बढ़ते हैं। 23 अक्टूबर को जिले में अधिकतम और न्यूनतम तापमान का अंतर 8.0 डिग्री सेल्सियस था जो गुरुवार को बढ़कर 14.4 डिग्री सेल्सियस व शुक्रवार को 14.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मायागंज अस्पताल के मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजकमल चौधरी का कहना है कि दिन में हल्की गर्मी व रात और सुबह में सर्दी के कारण शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है।

ऐसे में जरा सी लापरवाही से लोग सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार, बदन दर्द, जोड़ों में दर्द, कमर व घुटनों में दर्द और आई फ्लू जैसी बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। शरीर का तापमान हमेशा एक समान नहीं रखने से इस मौसम में हार्ट अटैक, लकवा व ब्रेन स्ट्रोक होने का खतरा रहता है। ऐसे में सुबह या फिर रात में घर से निकलें तो गर्म कपड़े पहनें। आईसक्रीम, दही, कोल्ड ड्रिंक्स आदि से परहेज करें और गुनगुना पानी पीयें।


