राज्य के स्कूलों में नवम्बर तक शिक्षकों की बहाली हो जाएगी। यह जानकारी शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने विधानसभा में एक सवाल के जवाब में दी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्नातक योग्यताधारी एक-एक शिक्षकों को ऐसे विद्यालयों में पदस्थापित किया गया है। .

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तारांकित सवालों के दौरान विद्या सागर निषाद ने समस्तीपुर के मोरवां और रघुनाथपुर के स्कूलों का मामला उठाया, जहां क्रमश: 60 और 180 विद्यार्थी हैं, पर शिक्षक एक भी नहीं। इस पर पूरक सवालों की झड़ी लग गयी। राजद के अब्दुलवारी सिद्दिकी ने कहा कि पूरे बिहार की यही स्थिति है। जिन विद्यालयों में शिक्षक नहीं हैं उन्हें सरकार बंद क्यों नहीं कर देती।

कांग्रेस विधायक सदानंद सिंह ने कहा कि एक तरफ सभी पंचायत के मध्य विद्यालय अपग्रेड किए जा रहे हैं, दूसरी तरफ शिक्षक नहीं हैं। ऐसे में कक्षाएं कैसे चल रही हैं। भोला यादव ने शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति का मामला उठाया। मंत्री ने कहा कि कोर्ट के आदेश की वजह से दो साल बहाली बंद रही। जैसे ही सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया है, प्रारंभिक और माध्यमिक-उच्च माध्यमिक शिक्षकों के नियोजन का शिड्यूल जारी हो गया है। .

राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और उनकी नियुक्ति में हो रही देर को लेकर विधानसभा में विपक्ष ने मंगलवार को जमकर हंगामा किया। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट सभी विपक्षी दलों के विधायक वेल में आकर हंगामा व नारेबाजी करने लगे। करीब पांच मिनट तक सदन अव्यवस्थित रहा।

अंत में सभाध्यक्ष के हस्तक्षेप और शिक्षा मंत्री द्वारा यह कहने पर कि 29 नवम्बर तक शिक्षकों की किल्लत दूर कर दी जाएगी, विपक्ष शांत हुआ और कार्रवाई आगे बढ़ी। संसदीय मंत्री श्रवण कुमार ने विपक्ष पर निशाना साधा कि राजद के विधायक अपने वरीय साथी की भी इज्जत नहीं करते। आसन के निर्देश पर शिक्षा मंत्री ने सदन में जब घोषणा की कि नवम्बर तक शिक्षकों की किल्लत दूर हो जाएगी, तब जाकर विपक्ष सीट पर लौटे। .

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By न्यूज़ डेस्क

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